पंचांग कैसे देखें: तिथि, नक्षत्र, योग समझें (2026)
पंचांग कैसे देखें और समझें। तिथि, नक्षत्र, योग, करण, और वार का अर्थ सरल हिंदी में।
पंचांग के 5 अंग
पंचांग शब्द 'पंच' (पांच) + 'अंग' (भाग) से बना है। ये 5 अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र (चंद्र नक्षत्र), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), और करण (तिथि का आधा भाग)।
तिथि: शुक्ल पक्ष (बढ़ता चंद्र) और कृष्ण पक्ष (घटता चंद्र) में 15-15 तिथियां होती हैं। शुभ कार्यों के लिए शुक्ल पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी तिथियां उत्तम मानी जाती हैं।
पंचांग का उपयोग
शुभ मुहूर्त निकालने के लिए पंचांग आवश्यक है। विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण, व्यापार शुरू करने, और यात्रा के लिए पंचांग देखकर शुभ समय चुना जाता है।
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Conclusion
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