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मकर संक्रांति 2026
उत्तरायण पर्व की तिथियां और पूजा विधि
भोगी
13 जनवरी
मंगलवार
मकर संक्रांति
14 जनवरी
बुधवार
किन्नर
15 जनवरी
गुरुवार
रिथु
16 जनवरी
शुक्रवार
मकर संक्रांति का महत्व
मकर संक्रांति का अर्थ है "मकर राशि में सूर्य का संक्रमण"। यह दिन सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर गमन करते हैं, जिसे उत्तरायण भी कहा जाता है। यह फसल काटने और नई फसल के त्योहार के रूप में मनाया जाता है।
चार दिन का त्योहार
- भोगी (13 जनवरी): पुरानी चीजों को त्यागने का दिन, नएकी शुरुआत
- मकर संक्रांति (14 जनवरी): मुख्य त्योहार, गंगा स्नान, दान-पुण्य
- किन्नर (15 जनवरी): गायों की पूजा का दिन
- रिथु (16 जनवरी): रिश्तेदारों के साथ मिलने का दिन
पूजा विधि
- सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें
- सूर्य को जल चढ़ाएं और अर्घ्य दें
- तिल के लड्डू और तिलके रोटी बनाएं
- गाय को भोजन कराएं
- नदी या सरोवर में स्नान करें (यदि संभव हो)
- ब्राह्मणों को दान करें
पुण्यकालीन मुहूर्त
पुण्यकाल: 14 जनवरी को सूर्योदय से सूर्यास्त तक (लगभग 7:00 सुबह से 5:45 शाम)
स्नान मुहूर्त: सुबह 6:00 से 10:00 बजे तक
मकर संक्रांति राशिफल
मेष
आर्थिक लाभ, नया अवसर
सिंह
प्रमोशन, सम्मान
धनु
व्यापार वृद्धि
वृषभ
धन प्राप्ति, सुख
कन्या
करियर में सफलता
मकर
विशेष लाभ, उन्नति
मिथुन
शिक्षा में सफलता
तुला
साझेदारी में लाभ
कुंभ
विदेश यात्रा
कर्क
पारिवारिक सुख
वृश्चिक
व्यापार लाभ
मीन
आध्यात्मिक लाभ