मंगल दोष चेक

फ्री मंगलिक दोष कैलकुलेटर | Free Mangal Dosh Checker & Remedies

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मंगल दोष क्या है?

मंगल दोष (Mangal Dosha या Manglik Dosha) वैदिक ज्योतिष में एक महत्वपूर्ण दोष है। जब जन्म कुंडली में मंगल ग्रह विशेष भावों में स्थित होता है तो यह दोष बनता है।

Mangal Dosha occurs when Mars (Mangal) is placed in the 1st, 2nd, 4th, 7th, 8th, or 12th house of a birth chart. A person with this placement is called Manglik. This dosha primarily affects married life, causing delays in marriage, marital discord, health issues for spouse, or in severe cases, separation.

लगभग 40% लोगों की कुंडली में मंगल दोष होता है। हालांकि, कई नियम हैं जिनसे यह दोष कट जाता है या कमजोर हो जाता है। GrahaGuru पर मुफ्त में अपना मंगल दोष चेक करें और उपाय जानें।

मंगल दोष कब होता है?

मंगल दोष निम्नलिखित भावों में मंगल की स्थिति से बनता है:

1st भाव (लग्न)

व्यक्तित्व पर प्रभाव। स्वभाव में आक्रामकता, जिद्दीपन। वैवाहिक जीवन में अहं की समस्या।

2nd भाव

परिवार और धन पर प्रभाव। कठोर वाणी। पारिवारिक कलह की संभावना।

4th भाव

मानसिक शांति पर असर। संपत्ति विवाद। मां से तनाव।

7th भाव (सबसे गंभीर)

जीवनसाथी पर सीधा प्रभाव। विवाह में देरी। वैवाहिक जीवन में कठिनाइयां।

8th भाव

आयु और रहस्य पर प्रभाव। दुर्घटना की संभावना। स्वास्थ्य समस्याएं।

12th भाव

खर्च और हानि। विदेश यात्रा। शारीरिक कष्ट।

मंगल दोष के प्रकार

1. निम्न मंगल (Low Mangal Dosha)

जब मंगल 2nd या 12th भाव में हो। यह सबसे कम प्रभावशाली होता है। साधारण उपायों से दूर हो जाता है।

2. मध्यम मंगल (Medium Mangal Dosha)

मंगल 1st, 4th या 8th भाव में। मध्यम प्रभाव। कुंडली मिलान और उपाय आवश्यक।

3. उच्च मंगल (High Mangal Dosha)

7th भाव में मंगल सबसे गंभीर। जीवनसाथी पर सीधा असर। विशेष उपाय और ज्योतिषी परामर्श अनिवार्य।

4. अंशात्मक मंगल (Partial Mangal)

जब मंगल भाव संधि पर हो या कुछ निवारक योग हों। आधा दोष। कम प्रभाव।

मंगल दोष निवारण के नियम

निम्नलिखित स्थितियों में मंगल दोष पूर्णतः या आंशिक रूप से समाप्त हो जाता है:

1. दोनों मंगलिक हों

यदि वर और वधू दोनों मंगलिक हैं तो दोष पूर्णतः कट जाता है। दोनों की कुंडली में समान दोष होने से प्रभाव संतुलित हो जाता है।

2. मंगल की शुभ राशि

मंगल अपनी राशि (मेष, वृश्चिक) या उच्च राशि (मकर) में हो तो दोष प्रभाव 50% कम हो जाता है।

3. गुरु की दृष्टि

यदि गुरु (बृहस्पति) मंगल को देख रहा हो या 7वें भाव को देख रहा हो तो दोष कमजोर हो जाता है।

4. लग्न में मंगल-शुक्र

तुला या मीन लग्न में मंगल हो तो दोष नहीं माना जाता क्योंकि मंगल इन राशियों में कमजोर हो जाता है।

5. आयु सीमा

28 वर्ष की आयु के बाद मंगल दोष का प्रभाव स्वतः 70% कम हो जाता है। मंगल परिपक्व हो जाता है।

6. शनि-राहु संयोग

यदि कुंडली में शनि मंगल को देख रहा हो या राहु के साथ हो तो दोष प्रभाव घट जाता है।

मंगल दोष के प्रभाव

वैवाहिक जीवन पर

  • विवाह में अनावश्यक देरी (30-35 वर्ष तक)
  • पति-पत्नी में बार-बार झगड़े
  • समझौता और सामंजस्य में कठिनाई
  • जीवनसाथी के स्वास्थ्य में समस्या
  • गंभीर मामलों में विवाह विच्छेद

व्यक्तिगत जीवन पर

  • स्वभाव में अत्यधिक क्रोध और चिड़चिड़ापन
  • निर्णय लेने में जल्दबाजी
  • दुर्घटना और चोट की संभावना
  • मानसिक तनाव और अशांति
  • करियर में उतार-चढ़ाव

स्वास्थ्य पर प्रभाव

  • रक्त विकार, उच्च रक्तचाप
  • सिरदर्द और माइग्रेन
  • मांसपेशियों में दर्द
  • चोट और सर्जरी की संभावना
  • अनिद्रा और बेचैनी

आर्थिक पहलू

  • अचानक वित्तीय हानि
  • संपत्ति विवाद
  • निवेश में जोखिम
  • व्यापार में उतार-चढ़ाव
  • अदालती मामलों में खर्च

मंगल दोष के उपाय

1. विवाह संबंधी उपाय

कुंभ विवाह (Kumbh Vivah)

मंगलिक व्यक्ति पहले एक घड़े (कुंभ) या पीपल/बरगद के पेड़ से विवाह करे। फिर घड़ा तोड़ दें या पेड़ को विदा करें। इससे मंगल दोष का प्रभाव पहले विवाह में समाप्त हो जाता है।

पीपल विवाह (Peepal Vivah)

पीपल के पेड़ के साथ विधिवत विवाह संस्कार। फिर विदाई। यह उपाय महिला मंगलिकों के लिए विशेष प्रभावी है।

2. पूजा और मंत्र

मंगल मंत्र जाप

ॐ अं अंगारकाय नमः - इस मंत्र का 108 बार प्रतिदिन जाप करें। मंगलवार को लाल फूल चढ़ाएं।

हनुमान चालीसा

मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें। हनुमान जी मंगल के देवता हैं और इनकी पूजा से मंगल दोष शांत होता है।

संकटमोचन स्तोत्र

प्रतिदिन सुबह संकटमोचन हनुमान स्तोत्र का पाठ करें। 40 दिन तक नियमित करने से दोष में कमी।

3. रत्न धारण

मूंगा (Red Coral)

3-6 रत्ती का मूंगा सोने या तांबे की अंगूठी में जड़वाकर दाहिने हाथ की अनामिका में मंगलवार को पहनें। पहनने से पहले गंगाजल, कच्चे दूध से शुद्ध करें और मंत्र जाप करें। नोट: ज्योतिषी से परामर्श लें क्योंकि कुछ कुंडलियों में मूंगा हानिकारक हो सकता है।

4. दान और पुण्य

  • मंगलवार को दान: लाल दाल (मसूर), लाल वस्त्र, मिठाई, गुड़ दान करें
  • भूमि दान: गरीब को छोटा भूखंड या मिट्टी दान
  • रक्तदान: नियमित रक्तदान मंगल दोष को कम करता है
  • हनुमान मंदिर में तेल: मंगलवार को सरसों का तेल चढ़ाएं

5. व्रत और तपस्या

  • 21 मंगलवार का व्रत रखें
  • हर मंगलवार हनुमान मंदिर जाएं
  • सूर्योदय से पहले स्नान और पूजा
  • सात्विक भोजन, मांस-शराब त्याग
  • क्रोध पर नियंत्रण रखें

मंगल दोष से जुड़े मिथक

मिथक 1: मंगली की शादी असंभव है

सच्चाई: बिल्कुल गलत। लगभग 40% लोग मंगलिक होते हैं और सभी सफलतापूर्वक विवाहित हैं। सही कुंडली मिलान और उपायों से मंगलिक का विवाह सामान्य रूप से हो सकता है।

मिथक 2: मंगली से शादी में मृत्यु होती है

सच्चाई: यह पूर्णतः भ्रामक है। मंगल दोष केवल वैवाहिक तनाव का कारक हो सकता है, मृत्यु का नहीं। पूरी कुंडली का विश्लेषण आवश्यक है, केवल मंगल स्थिति से कुछ नहीं कहा जा सकता।

मिथक 3: मंगल दोष कभी खत्म नहीं होता

सच्चाई: 28 वर्ष की आयु के बाद मंगल दोष का प्रभाव स्वतः कम हो जाता है। साथ ही, कई ज्योतिषीय नियमों से दोष पूर्णतः निरस्त हो सकता है।

मिथक 4: केवल महिला मंगली खतरनाक है

सच्चाई: पुरुष और महिला दोनों में मंगल दोष समान प्रभाव डालता है। यह जेंडर-स्पेसिफिक नहीं है। दोनों को समान रूप से देखना चाहिए।

मंगल दोष चेक कैसे करें?

1

जन्म विवरण दर्ज करें

नाम, जन्म तिथि, सटीक जन्म समय और जन्म स्थान।

2

कुंडली जेनरेट करें

GrahaGuru automatically calculates your birth chart.

3

मंगल दोष विश्लेषण

सिस्टम मंगल की स्थिति जांचेगा और दोष होने पर रिपोर्ट देगा।

4

उपाय प्राप्त करें

व्यक्तिगत उपाय, मंत्र और पूजा विधि।

FAQ

मंगल दोष क्या है?

मंगल दोष तब होता है जब कुंडली में मंगल ग्रह 1, 2, 4, 7, 8 या 12वें भाव में स्थित होता है। यह विवाह में देरी, वैवाहिक कलह या जीवनसाथी के स्वास्थ्य पर प्रभाव डाल सकता है।

मंगली की शादी कैसे होती है?

यदि दोनों पार्टनर मंगलिक हों तो दोष स्वतः समाप्त हो जाता है। या मंगल अपनी राशि/उच्च राशि में हो, या कुंभ विवाह/पीपल विवाह जैसे उपाय करने से विवाह संभव है।

क्या मंगल दोष खतरनाक है?

नहीं, मंगल दोष को बहुत बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता है। सही उपाय और कुंडली मिलान से यह पूर्णतः प्रबंधनीय है। 40% लोग मंगलिक होते हैं और सामान्य जीवन जीते हैं।

28 साल बाद मंगल दोष खत्म हो जाता है क्या?

हां, 28 वर्ष की आयु के बाद मंगल परिपक्व हो जाता है और दोष का प्रभाव 70-80% कम हो जाता है। मंगल की ऊर्जा संतुलित हो जाती है।

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