साढ़े साती कैलकुलेटर

शनि साढ़े साती चेक करें | Free Sade Sati Calculator & Remedies

अपनी साढ़े साती चेक करें

साढ़े साती क्या है?

साढ़े साती (Sade Sati) शनि ग्रह का 7.5 वर्ष का पारगमन काल है। यह तब होता है जब शनि आपकी चंद्र राशि से 12वीं राशि में प्रवेश करता है और 2री राशि से बाहर निकलता है। यह जीवन की सबसे कठिन और परिवर्तनकारी अवधियों में से एक मानी जाती है।

Sade Sati (Saturn's 7.5-year transit) is a period when Saturn transits through the 12th, 1st, and 2nd houses from your Moon Sign. It's considered a challenging but transformative phase that tests patience, resilience, and character. While often feared, Sade Sati brings important life lessons, maturity, and spiritual growth.

हर व्यक्ति अपने जीवनकाल में 2-3 बार साढ़े साती से गुजरता है। पहली साढ़े साती (25-30 वर्ष की आयु) सबसे कठिन होती है। GrahaGuru पर मुफ्त में अपनी साढ़े साती चेक करें।

साढ़े साती के तीन चरण

1. ढैय्या (Rising Phase) - पहले 2.5 साल

स्थिति: शनि चंद्र राशि से 12वें भाव में

प्रभाव: यह चरण धीरे-धीरे शुरू होता है। खर्च में वृद्धि, विदेश यात्रा की संभावना, नींद में कमी, एकांत की इच्छा, गुप्त शत्रुओं का डर। यह तैयारी का चरण है।

  • वित्तीय दबाव शुरू होना
  • अनावश्यक खर्च
  • मानसिक तनाव में वृद्धि
  • पुरानी परेशानियां सामने आना
  • स्वास्थ्य में हल्की गिरावट

2. साढ़े साती पीक (Peak Phase) - मध्य 2.5 साल

स्थिति: शनि सीधे चंद्र राशि में

प्रभाव: यह सबसे कठिन चरण है। मानसिक तनाव चरम पर, स्वास्थ्य समस्याएं, करियर में बाधाएं, परिवार में झगड़े, प्रतिष्ठा को खतरा। यह परीक्षा का समय है।

  • गंभीर स्वास्थ्य मुद्दे
  • नौकरी में परेशानी या हानि
  • वैवाहिक कलह
  • पारिवारिक समस्याएं
  • अवसाद और निराशा
  • सामाजिक अपमान

3. ढैय्या (Setting Phase) - अंतिम 2.5 साल

स्थिति: शनि चंद्र राशि से 2री राशि में

प्रभाव: धीरे-धीरे राहत मिलना शुरू। परिवार में तनाव, वाणी में कठोरता, धन संबंधी चिंता। लेकिन समस्याएं कम होने लगती हैं। आशा और सुधार का समय।

  • स्थिति में सुधार
  • पारिवारिक मामलों में तनाव
  • भाषण में सावधानी आवश्यक
  • वित्तीय स्थिरता लौटना
  • नई शुरुआत की तैयारी

प्रत्येक राशि के लिए साढ़े साती काल 2020-2030

राशिसाढ़े साती शुरूसाढ़े साती समाप्तस्थिति
मकर (Capricorn)जन 2020जन 2023समाप्त
कुंभ (Aquarius)जन 2023मार्च 2025चल रही
मीन (Pisces)मार्च 2025फर 2028आने वाली
मेष (Aries)फर 2028मई 2030भविष्य
वृषभ (Taurus)मई 2030जुल 2032भविष्य

साढ़े साती के प्रभाव

नकारात्मक प्रभाव

  • गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं (जोड़ों का दर्द, हड्डी रोग)
  • करियर में रुकावट, नौकरी बदलना या हानि
  • वित्तीय संकट और ऋण
  • पारिवारिक कलह और अलगाव
  • सामाजिक प्रतिष्ठा में गिरावट
  • मानसिक अवसाद और निराशा
  • महत्वपूर्ण संबंधों में तनाव
  • अनावश्यक कानूनी मुद्दे

सकारात्मक परिवर्तन

  • आध्यात्मिक जागरूकता और गहराई
  • जीवन के वास्तविक सबक सीखना
  • चरित्र में परिपक्वता और दृढ़ता
  • गलत चीजों का त्याग
  • सच्चे मित्रों की पहचान
  • कर्म सिद्धांत की समझ
  • धैर्य और सहनशीलता का विकास
  • जीवन प्राथमिकताओं का पुनर्मूल्यांकन

साढ़े साती के उपाय

1. शनि पूजा और मंत्र

शनि मंत्र

ॐ शं शनैश्चराय नमः - इस मंत्र का 108 बार प्रतिदिन जाप करें। शनिवार को विशेष रूप से।

हनुमान चालीसा

प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें। हनुमान जी शनि से रक्षा करते हैं। शनिवार को अवश्य पढ़ें।

शनि स्तोत्र

शनि चालीसा, दशरथ कृत शनि स्तोत्र का नियमित पाठ लाभकारी है।

2. दान और सेवा

  • शनिवार को दान: काले तिल, काला उड़द, सरसों का तेल, लोहा, काले कपड़े
  • गरीबों की सेवा: बुजुर्गों, विकलांगों की सहायता
  • पशु सेवा: कौवों को भोजन, कुत्तों को रोटी
  • शनि मंदिर में तेल: सरसों के तेल का दीपक
  • पीपल सेवा: शनिवार को पीपल में जल चढ़ाना

3. रत्न धारण

नीलम (Blue Sapphire)

5-7 रत्ती का नीलम चांदी की अंगूठी में जड़वाकर मध्यमा उंगली में शनिवार को पहनें। चेतावनी: नीलम पहनने से पहले अनुभवी ज्योतिषी से अवश्य परामर्श लें। गलत कुंडली में नीलम अत्यधिक हानिकारक हो सकता है। पहले 3 दिन परीक्षण करें।

4. व्रत और तपस्या

  • शनिवार का व्रत - 43 शनिवार लगातार
  • सूर्योदय से पहले स्नान
  • मांस, शराब, तामसिक भोजन का त्याग
  • शनि जयंती (ज्येष्ठ अमावस्या) पर विशेष पूजा
  • शनि तेल अभिषेक

5. जीवनशैली परिवर्तन

  • धैर्य और संयम अपनाएं
  • कठोर परिश्रम करें, शॉर्टकट से बचें
  • ईमानदारी और न्याय का पालन
  • बड़ों का सम्मान करें
  • विनम्र और विनीत रहें
  • कर्म पर ध्यान दें, फल की चिंता न करें

साढ़े साती में क्या करें और क्या न करें

करें (Do's)

  • आध्यात्मिक साधना बढ़ाएं
  • पुराने कर्ज चुकाएं
  • माता-पिता की सेवा करें
  • नियमित योग और ध्यान
  • सादा जीवन अपनाएं
  • धैर्य रखें, समय निकल जाएगा
  • कठिन परिश्रम जारी रखें
  • सच्चाई और ईमानदारी बनाए रखें

न करें (Don'ts)

  • बड़े निवेश या जोखिम न लें
  • नई नौकरी/व्यापार शुरू न करें (अगर जरूरी न हो)
  • विदेश यात्रा से बचें (आवश्यक हो तो उपाय करें)
  • वाद-विवाद में न पड़ें
  • ऋण न लें
  • अनैतिक कार्य न करें
  • बुजुर्गों का अपमान न करें
  • शराब, जुआ से दूर रहें

विभिन्न राशियों पर साढ़े साती का प्रभाव

मेष (Aries)

करियर में चुनौतियां, स्वास्थ्य पर ध्यान दें। साहस और धैर्य बनाए रखें। संपत्ति विवाद से बचें।

वृषभ (Taurus)

वित्तीय दबाव, पारिवारिक तनाव। फालतू खर्च पर रोक। बचत करें, निवेश सोच-समझकर।

मिथुन (Gemini)

मानसिक तनाव, संचार में समस्या। वाणी संयम आवश्यक। व्यापार में सावधानी बरतें।

कर्क (Cancer)

भावनात्मक उथल-पुथल, मां के स्वास्थ्य की चिंता। घर में शांति बनाए रखें। संपत्ति मामले टालें।

FAQ

साढ़े साती क्या है?

साढ़े साती शनि ग्रह का 7.5 साल का पारगमन काल है जब शनि आपकी चंद्र राशि से 12वीं, चंद्र राशि और 2री राशि में गोचर करता है। यह जीवन में कठिनाइयों, परीक्षाओं और सबक का समय होता है।

साढ़े साती के तीन चरण कौन से हैं?

1. ढैय्या (Rising): चंद्र राशि से 12वीं राशि में - 2.5 साल, 2. साढ़े साती पीक (Peak): चंद्र राशि में - 2.5 साल (सबसे कठिन), 3. ढैय्या (Setting): चंद्र राशि से 2री राशि में - 2.5 साल।

क्या साढ़े साती हमेशा बुरी होती है?

नहीं। साढ़े साती चुनौतीपूर्ण है लेकिन यह आपको जीवन के महत्वपूर्ण सबक सिखाती है, चरित्र मजबूत करती है और आध्यात्मिक विकास लाती है। सही दृष्टिकोण और उपायों से इसका सकारात्मक उपयोग किया जा सकता है।

साढ़े साती कितनी बार आती है?

हर व्यक्ति अपने जीवनकाल (लगभग 80-90 वर्ष) में 2-3 बार साढ़े साती से गुजरता है क्योंकि शनि का एक चक्र पूरा करने में लगभग 30 वर्ष लगते हैं।

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