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ग्रह गोचर

राहु-केतु गोचर 2025

छाया ग्रहों का राशि परिवर्तन - सभी 12 राशियों पर प्रभाव और उपाय

राहु: मीन → कुंभ केतु: कन्या → सिंह
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राहु की स्थिति

मीन राशि में

30 अक्टूबर 2023 - 18 मई 2025

मई 2025 में: राहु कुंभ में प्रवेश करेगा

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केतु की स्थिति

कन्या राशि में

30 अक्टूबर 2023 - 18 मई 2025

मई 2025 में: केतु सिंह में प्रवेश करेगा

12 राशियों पर राहु-केतु का प्रभाव

मेष (Aries)

राहु 12वें भाव में:

विदेश यात्रा, खर्च वृद्धि, आध्यात्मिकता

केतु 6वें भाव में:

शत्रुओं पर विजय, स्वास्थ्य सावधानी

वृषभ (Taurus)

राहु 11वें भाव में:

आय वृद्धि, नए मित्र, इच्छापूर्ति

केतु 5वें भाव में:

संतान से दूरी, निवेश सावधानी

मिथुन (Gemini) - सावधान!

राहु 10वें भाव में:

करियर में बदलाव, पद प्राप्ति, व्यापार अवसर

केतु 4वें भाव में:

माता चिंता, गृह समस्या, मानसिक अशांति

कर्क (Cancer)

राहु 9वें भाव में:

धार्मिक यात्रा, भाग्य वृद्धि, पिता चिंता

केतु 3वें भाव में:

साहस वृद्धि, भाई-बहन से लाभ

सिंह (Leo)

राहु 8वें भाव में:

गुप्त धन, रहस्य, स्वास्थ्य सावधानी

केतु 2वें भाव में:

वाणी सावधानी, पारिवारिक तनाव

कन्या (Virgo) - केतु लग्न में!

राहु 7वें भाव में:

विवाह, साझेदारी, व्यापार अवसर

केतु 1वें भाव में:

आत्म-परिवर्तन, स्वास्थ्य, आध्यात्मिकता

तुला (Libra)

राहु 6वें भाव में:

प्रतियोगिता में सफलता, शत्रु पराजय

केतु 12वें भाव में:

खर्च, विदेश, मोक्ष मार्ग

वृश्चिक (Scorpio)

राहु 5वें भाव में:

संतान सुख, निवेश, रोमांस

केतु 11वें भाव में:

आय में उतार-चढ़ाव, मित्र बदलाव

धनु (Sagittarius) - सावधान!

राहु 4वें भाव में:

गृह बदलाव, वाहन, माता चिंता

केतु 10वें भाव में:

करियर अनिश्चितता, पद बदलाव

मकर (Capricorn)

राहु 3वें भाव में:

साहस, लघु यात्रा, संचार में सफलता

केतु 9वें भाव में:

पिता से दूरी, धार्मिक विकास

कुंभ (Aquarius)

राहु 2वें भाव में:

धन वृद्धि, वाणी शक्ति, परिवार

केतु 8वें भाव में:

गुप्त ज्ञान, तंत्र, स्वास्थ्य सावधानी

मीन (Pisces) - राहु लग्न में!

राहु 1वें भाव में:

व्यक्तित्व बदलाव, भ्रम, अचानक घटनाएं

केतु 7वें भाव में:

विवाह विलंब, साझेदारी समस्या

राहु-केतु के शक्तिशाली उपाय

🐍 राहु के उपाय

  • मंत्र: "ॐ रां राहवे नमः" - 108 बार
  • दान: नारियल, सरसों, गोमेद (बुधवार/शनिवार)
  • व्रत: शनिवार का व्रत
  • पूजा: दुर्गा सप्तशती पाठ
  • रत्न: गोमेद (केवल परामर्श से)

🔥 केतु के उपाय

  • मंत्र: "ॐ कें केतवे नमः" - 108 बार
  • दान: काला-सफेद कंबल, तिल (मंगलवार)
  • व्रत: मंगलवार या गुरुवार का व्रत
  • पूजा: गणेश पूजा, भैरव पूजा
  • रत्न: लहसुनिया (केवल परामर्श से)

⚠️ सावधानी: गोमेद और लहसुनिया बहुत शक्तिशाली रत्न हैं। बिना कुंडली विश्लेषण और ज्योतिषी परामर्श के कभी न पहनें।

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