Read in English
GrahaGuru ग्रहगुरु
🪔
दिवाली 2026

दिवाली 2026: रविवार, 8 नवंबर

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त, सभी 5 दिन की तारीखें और शुभ समय

8 नवंबर 2026 15 मिनट पढ़ने का समय
🪔

दिवाली 2026 तारीख

रविवार, 8 नवंबर 2026

कार्तिक अमावस्या | विक्रम संवत 2083

दिवाली के पांच दिन 2026

🏆

दिन 1

धनतेरस

6 नवंबर

शुक्रवार

🕯️

दिन 2

छोटी दिवाली

7 नवंबर

शनिवार

🪔

दिन 3

दिवाली

8 नवंबर

रविवार

🏔️

दिन 4

गोवर्धन पूजा

9 नवंबर

सोमवार

👫

दिन 5

भाई दूज

10 नवंबर

मंगलवार

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त 2026

शुभ मुहूर्त समय

प्रदोष काल शाम 5:30 - 8:07 बजे
वृषभ लग्न (सर्वोत्तम) शाम 6:15 - 8:00 बजे*
अमावस्या तिथि आरंभ 7 नवंबर, शाम 6:45 बजे
अमावस्या तिथि समाप्त 8 नवंबर, शाम 7:30 बजे

*सटीक समय शहर के अनुसार भिन्न हो सकता है। दिल्ली के लिए समय दिखाया गया है।

लक्ष्मी पूजा का सर्वोत्तम समय

शाम 6:15 - 8:00 बजे

स्थिर (वृषभ) लग्न के दौरान जब माना जाता है कि देवी लक्ष्मी घरों में आती हैं

संपूर्ण दिवाली 2026 कार्यक्रम

🏆

धनतेरस

दिन 1

शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। भगवान धन्वंतरि की पूजा करें और सोना, चांदी या बर्तन खरीदें। निवेश के लिए अत्यंत शुभ।

खरीदारी का सर्वोत्तम समय: प्रदोष काल (शाम) के दौरान

🕯️

नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली)

दिन 2

शनिवार, 7 नवंबर 2026

भगवान कृष्ण की नरकासुर पर विजय का उत्सव। दीये जलाएं और मुख्य दिवाली की तैयारी करें। दक्षिण भारत में यह मुख्य उत्सव दिवस है।

परंपरा: सूर्योदय से पहले तेल स्नान (अभ्यंग स्नान)

🪔

दिवाली - लक्ष्मी पूजा

मुख्य दिन

रविवार, 8 नवंबर 2026

दिवाली का मुख्य दिन। समृद्धि के लिए देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करें। दीये जलाएं, पटाखे फोड़ें, मिठाई और उपहार बांटें।

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: शाम 6:15 - 8:00 बजे (प्रदोष काल + स्थिर लग्न)

🏔️

गोवर्धन पूजा / अन्नकूट

दिन 4

सोमवार, 9 नवंबर 2026

भगवान कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने का उत्सव। पड़वा या प्रतिपदा भी कहते हैं। कई व्यापारिक समुदाय नया वित्तीय वर्ष शुरू करते हैं।

परंपरा: भगवान कृष्ण को 56 प्रकार के भोजन (छप्पन भोग) अर्पित करें

👫

भाई दूज / भैया दूज

दिन 5

मंगलवार, 10 नवंबर 2026

भाई-बहन के बंधन का उत्सव। बहनें भाइयों के माथे पर तिलक लगाती हैं और उनकी लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करती हैं।

तिलक मुहूर्त: दोपहर के घंटे (लगभग 1:00 - 3:30 बजे)

लक्ष्मी पूजा विधि - चरण दर चरण

तैयारी (पूजा से पहले)

1.

घर को साफ और सजाएं

पूरे घर को अच्छी तरह साफ करें, खासकर पूजा कक्ष। रंगोली, फूलों और दीयों से सजाएं। देवी लक्ष्मी स्वच्छ घरों में प्रवेश करती हैं।

2.

स्नान करें और नए कपड़े पहनें

सूर्यास्त से पहले स्नान करें। नए या साफ पारंपरिक कपड़े पहनें - दिवाली पूजा के लिए लाल, पीले या नारंगी रंग पसंद किए जाते हैं।

3.

पूजा सामग्री व्यवस्थित करें

तैयार रखें: लक्ष्मी-गणेश मूर्ति/चित्र, लाल कपड़ा, चावल, फूल, अगरबत्ती, दीपक, मिठाई, फल, सिक्के, नई बही खाता (व्यापार के लिए), हल्दी, कुमकुम, पान के पत्ते, मेवे।

मुख्य पूजा विधि (मुहूर्त के दौरान)

चरण 1: कलश स्थापना

स्वच्छ जल से भरा कलश आम के पत्तों और नारियल के साथ रखें। यह दिव्य ऊर्जाओं को आमंत्रित करता है।

चरण 2: गणेश पूजा

पहले भगवान गणेश की पूजा करें मोदक, दूर्वा घास और लाल फूलों के साथ। "ॐ गं गणपतये नमः" जाप करें।

चरण 3: लक्ष्मी आवाहन

देवी लक्ष्मी का आवाहन करें: "ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः"। लाल फूल, यदि उपलब्ध हो तो कमल अर्पित करें।

चरण 4: पंचामृत अभिषेक

मूर्तियों को पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, चीनी) से स्नान कराएं। फिर जल से साफ करें।

चरण 5: षोडशोपचार

16-चरण पूजा: आसन, पैरों/हाथों के लिए जल, सुगंध, फूल, अगरबत्ती, दीपक, नैवेद्य (मिठाई/फल), पान, और कपूर आरती अर्पित करें।

चरण 6: मंत्र जाप

लक्ष्मी स्तोत्र, लक्ष्मी अष्टोत्तर शतनामावली (108 नाम), या बस "ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः" 108 बार जाप करें।

चरण 7: आरती और प्रसाद

"ॐ जय लक्ष्मी माता" गाते हुए कपूर/घी के दीपक से आरती करें। परिवार को प्रसाद बांटें।

महत्वपूर्ण लक्ष्मी पूजा मंत्र

लक्ष्मी बीज मंत्र:

"ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः"

108 बार जाप करें

लक्ष्मी गायत्री मंत्र:

"ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुप्रियायै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात्"

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिवाली 2026 कब है?

दिवाली 2026 रविवार, 8 नवंबर 2026 को है। यह मुख्य लक्ष्मी पूजा का दिन है। पांच दिवसीय दिवाली त्योहार 6-10 नवंबर 2026 तक है।

क्या आधी रात के बाद लक्ष्मी पूजा कर सकते हैं?

नहीं, लक्ष्मी पूजा आदर्श रूप से प्रदोष काल (शाम गोधूलि) के दौरान शाम 6-8 बजे के बीच करनी चाहिए। मुहूर्त के दौरान शुरू होने पर पूजा को आधी रात तक बढ़ाया जा सकता है, लेकिन आधी रात के बाद शुरू करने की सिफारिश नहीं है।

दिवाली की रात कितने दीये जलाने चाहिए?

कोई निश्चित संख्या नहीं है, लेकिन परंपरागत रूप से विषम संख्या पसंद की जाती है। कई लोग 11, 21, 51 या 108 दीये जलाते हैं। कम से कम 5 दीये जलाएं जो पांच तत्वों (पंच तत्व) का प्रतिनिधित्व करते हैं।

दिवाली की रात झाड़ू लगा सकते हैं?

नहीं, दिवाली की रात लक्ष्मी पूजा के बाद अपने घर में झाड़ू या सफाई न करें। माना जाता है कि दिवाली की रात झाड़ू लगाने से देवी लक्ष्मी और समृद्धि दूर हो जाती है।

अपना व्यक्तिगत दिवाली राशिफल पाएं

जानें दिवाली 2026 आपकी राशि के लिए क्या लेकर आ रही है

मुफ्त राशिफल देखें →
📧

त्योहार अपडेट पाएं

50,000+ ज्योतिष प्रेमियों से जुड़ें! त्योहारों की तारीखें, मुहूर्त और पूजा विधि अपने इनबॉक्स में पाएं।

कोई स्पैम नहीं। कभी भी अनसब्सक्राइब करें।