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त्योहार 2026

कृष्ण जन्माष्टमी 2026

भगवान कृष्ण का जन्मदिन - पूजा मुहूर्त और व्रत विधि

26 दिसंबर 2025 7 मिनट पढ़ने का समय
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कृष्ण जन्माष्टमी 2026

शुक्रवार, 14 अगस्त 2026

भाद्रपद कृष्ण अष्टमी | रोहिणी नक्षत्र

जन्माष्टमी 2026 पूजा मुहूर्त

मुख्य समय

जन्माष्टमी तिथि 14 अगस्त 2026 (शुक्रवार)
अष्टमी तिथि आरंभ 14 अगस्त, सुबह
अष्टमी तिथि समाप्त 15 अगस्त, सुबह
निशिता पूजा (आधी रात) रात 11:45 - 12:30*
रोहिणी नक्षत्र पूरी रात

🕛 आधी रात की पूजा

भगवान कृष्ण का जन्म आधी रात को हुआ था

पूजा के लिए सबसे शुभ समय निशिता काल (आधी रात) है। भक्त पूरे दिन व्रत रखते हैं और आधी रात की पूजा के बाद व्रत तोड़ते हैं।

जन्माष्टमी कैसे मनाएं

🙏 व्रत

निर्जला (बिना पानी) या फलाहार व्रत रखें। आधी रात की पूजा के बाद व्रत तोड़ें।

🛕 मंदिर दर्शन

कृष्ण मंदिरों में जाएं, विशेष रूप से इस्कॉन या मथुरा-वृंदावन।

🧈 माखन मिश्री

भगवान कृष्ण को माखन और मिश्री अर्पित करें। छप्पन भोग तैयार करें।

🎭 दही हांडी

मानव पिरामिड बनाकर दही की हांडी तोड़ना - महाराष्ट्र में लोकप्रिय।

🦚 जन्माष्टमी का महत्व

जन्माष्टमी भगवान श्री कृष्ण के जन्मदिन का पावन पर्व है। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को, रोहिणी नक्षत्र में, आधी रात को मथुरा की जेल में भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था।

यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। कंस जैसे अत्याचारी का अंत करने के लिए भगवान विष्णु ने कृष्ण अवतार लिया।

🪔 जन्माष्टमी पूजा विधि

📿 व्रत नियम

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जन्माष्टमी 2026 कब है?

कृष्ण जन्माष्टमी 2026 शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को है। आधी रात की पूजा जन्म समय पर होती है।

पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?

निशिता पूजा मुहूर्त (आधी रात) रात 11:45 - 12:30 सबसे शुभ है।

क्या व्रत में फल खा सकते हैं?

हां, यदि निर्जला व्रत नहीं कर रहे। फल, दूध के पदार्थ और साबूदाना खा सकते हैं।

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