🦚 जन्माष्टमी का महत्व
जन्माष्टमी भगवान श्री कृष्ण के जन्मदिन का पावन पर्व है। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को, रोहिणी नक्षत्र में, आधी रात को मथुरा की जेल में भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था।
यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। कंस जैसे अत्याचारी का अंत करने के लिए भगवान विष्णु ने कृष्ण अवतार लिया।
🪔 जन्माष्टमी पूजा विधि
- सुबह स्नान करके व्रत का संकल्प लें
- बाल गोपाल की मूर्ति को पालने में रखें
- माखन, मिश्री, पंचामृत से भोग लगाएं
- आधी रात को कृष्ण जन्म के समय आरती करें
- झांकी सजाएं और भजन-कीर्तन करें
- पूजा के बाद प्रसाद वितरण करें
📿 व्रत नियम
- निर्जला व्रत: बिना पानी के व्रत (कठिन)
- फलाहार व्रत: फल, दूध, साबूदाना खा सकते हैं
- व्रत तोड़ना: आधी रात की पूजा के बाद
- गर्भवती महिलाएं और बीमार लोग डॉक्टर की सलाह लें