🌐 Read in English | हिंदी में पढ़ें
GrahaGuru ग्रहगुरु
💍
विवाह मुहूर्त

शादी मुहूर्त 2026

महीनेवार शुभ विवाह तिथियाँ, नक्षत्र और शुभ योग

13 मार्च 2026 10 मिनट पढ़ने का समय

💡 संक्षिप्त जानकारी

💍 विवाह मुहूर्त क्यों जरूरी है?

हिंदू धर्म में विवाह सोलह संस्कारों में से एक महत्वपूर्ण संस्कार है। शास्त्रों के अनुसार शुभ मुहूर्त में किया गया विवाह जीवनभर सुख, समृद्धि और प्रेम का आधार बनता है। मुहूर्त शास्त्र में ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति, तिथि, वार, करण और योग का सम्मिलित विचार किया जाता है।

विवाह के समय यदि सप्तम भाव का स्वामी बलवान हो, शुक्र (प्रेम का कारक) और बृहस्पति (विवाह का कारक) उदय अवस्था में हों, तो वह मुहूर्त अत्यंत फलदायी होता है। 2026 में कुछ महीनों में इन सभी शर्तों का अनूठा संयोग बन रहा है, जो इस वर्ष को विवाह के लिए विशेष बनाता है।

मुहूर्त शास्त्र का मूल सिद्धांत है कि ब्रह्मांड की ऊर्जा समय के साथ बदलती रहती है। ठीक जैसे किसान बुवाई के लिए सही समय देखता है, उसी प्रकार विवाह जैसे महत्वपूर्ण संस्कार के लिए ग्रह-नक्षत्रों की अनुकूल स्थिति का चयन किया जाता है। यह केवल परंपरा नहीं, बल्कि सदियों के अनुभव का सार है।

🌟 शुभ विवाह नक्षत्र

मुहूर्त चिंतामणि और धर्मसिंधु के अनुसार निम्नलिखित नक्षत्र विवाह के लिए विशेष शुभ माने गए हैं। इन नक्षत्रों में चंद्रमा की स्थिति सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है:

रोहिणी

अत्यंत शुभ

मृगशीर्ष

अत्यंत शुभ

मघा

शुभ (उत्तरार्ध)

उत्तरा फाल्गुनी

अत्यंत शुभ

हस्त

शुभ

स्वाति

शुभ

अनुराधा

शुभ

उत्तराषाढ़

शुभ

रेवती

शुभ

📅 विवाह के लिए शुभ तिथियाँ

तिथि का विचार मुहूर्त में अत्यंत महत्वपूर्ण है। निम्नलिखित तिथियाँ विवाह के लिए उत्तम मानी गई हैं:

द्वितीया तृतीया पंचमी सप्तमी दशमी एकादशी द्वादशी त्रयोदशी

वर्जित तिथियाँ: चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी, अमावस्या और पूर्णिमा विवाह के लिए अशुभ मानी जाती हैं।

🏠 शुभ विवाह लग्न

विवाह के समय का लग्न (उदित राशि) भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, धनु और मीन लग्न विवाह के लिए सर्वश्रेष्ठ माने जाते हैं। इन लग्नों में सातवाँ भाव (विवाह का भाव) स्वाभाविक रूप से शुभ राशियों में पड़ता है। मेष, वृश्चिक और मकर लग्न विवाह के लिए अनुकूल नहीं माने जाते, क्योंकि इनमें सप्तम भाव में अशुभ राशियाँ आती हैं।

📆 2026 शादी मुहूर्त — महीनेवार सूची

❄️

जनवरी 2026

तारीख वार नक्षत्र तिथि
16 जनवरी शुक्रवार रोहिणी द्वितीया
20 जनवरी मंगलवार मृगशीर्ष षष्ठी
28 जनवरी बुधवार उत्तरा फाल्गुनी त्रयोदशी
🌸

फरवरी 2026

सर्वश्रेष्ठ
तारीख वार नक्षत्र तिथि
3 फरवरी मंगलवार रोहिणी पंचमी
7 फरवरी शनिवार मृगशीर्ष दशमी
12 फरवरी गुरुवार उत्तरा फाल्गुनी द्वादशी
18 फरवरी बुधवार अनुराधा द्वितीया
22 फरवरी रविवार उत्तराषाढ़ षष्ठी
🌺

मार्च 2026

सीमित मुहूर्त
तारीख वार नक्षत्र तिथि
4 मार्च बुधवार हस्त सप्तमी
9 मार्च सोमवार अनुराधा द्वादशी
17–24 मार्च — होलाष्टक (विवाह वर्जित)
🌼

अप्रैल 2026

शुभ
तारीख वार नक्षत्र तिथि
6 अप्रैल सोमवार रोहिणी तृतीया
14 अप्रैल मंगलवार उत्तरा फाल्गुनी एकादशी
19 अप्रैल रविवार स्वाति द्वितीया
26 अप्रैल रविवार उत्तर भाद्रपद दशमी
🌻

मई 2026

सर्वश्रेष्ठ
तारीख वार नक्षत्र तिथि
3 मई रविवार मृगशीर्ष पंचमी
11 मई सोमवार उत्तरा फाल्गुनी त्रयोदशी
17 मई रविवार स्वाति तृतीया
24 मई रविवार रेवती दशमी
30 मई शनिवार रोहिणी सप्तमी

जून–अक्टूबर 2026: विशेष ध्यान दें

  • जून में शुभ: 4 जून (हस्त, एकादशी), 10 जून (अनुराधा, सप्तमी)।
  • जुलाई–अक्टूबर: देवशयनी एकादशी के बाद चातुर्मास प्रारंभ। विवाह अत्यंत सीमित या वर्जित।
  • 18 सितं.–2 अक्टू.: पितृ पक्ष — विवाह पूरी तरह वर्जित।
  • 25–26 अक्टूबर: देवउठनी एकादशी के बाद मुहूर्त पुनः प्रारंभ।
🍂

नवंबर 2026

सर्वश्रेष्ठ
तारीख वार नक्षत्र तिथि
2 नवंबर सोमवार उत्तरा फाल्गुनी द्वादशी
9 नवंबर सोमवार अनुराधा द्वितीया
15 नवंबर रविवार रेवती तृतीया
22 नवंबर रविवार मृगशीर्ष दशमी
28 नवंबर शनिवार उत्तरा फाल्गुनी सप्तमी
❄️

दिसंबर 2026

तारीख वार नक्षत्र तिथि
6 दिसंबर रविवार हस्त एकादशी
13 दिसंबर रविवार उत्तराषाढ़ तृतीया
20 दिसंबर रविवार रोहिणी दशमी

✨ शुभ विवाह योग 2026

केवल नक्षत्र और तिथि ही नहीं, कुछ विशेष ग्रह योग विवाह मुहूर्त को और अधिक फलदायी बनाते हैं। 2026 में निम्नलिखित योग विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं:

🌟

सर्वार्थसिद्धि योग

जब शुभ नक्षत्र और शुभ वार का संयोग होता है तो सर्वार्थसिद्धि योग बनता है। यह विवाह के लिए अत्यंत शुभ है। 2026 में रोहिणी+सोमवार, हस्त+बुधवार, पुष्य+गुरुवार आदि पर यह योग बनेगा। इस योग में किए गए विवाह में दाम्पत्य जीवन में समृद्धि और सुख की प्रबल संभावना होती है।

💫

अमृत सिद्धि योग

विशेष नक्षत्र-वार संयोगों में अमृत सिद्धि योग बनता है जो विवाह को चिरस्थायी बनाता है। रविवार+हस्त, सोमवार+मृगशीर्ष, बुधवार+अनुराधा इत्यादि संयोगों में यह योग होता है।

🔮

अभिजित मुहूर्त

प्रत्येक दिन दोपहर के समय लगभग 48 मिनट का अभिजित मुहूर्त होता है। शास्त्रों में इसे "सर्व मुहूर्त श्रेष्ठ" कहा गया है। यदि किसी कारण से सही मुहूर्त न मिले तो अभिजित काल में विवाह कर सकते हैं।

🚫 किन काल में विवाह न करें?

अशुभ काल 2026 में तारीखें कारण
होलाष्टक 17–24 मार्च अष्ट ग्रह उग्र अवस्था में
खरमास जब सूर्य मीन/धनु में संक्रांति का प्रभाव
पितृ पक्ष 18 सितं.–2 अक्टू. पूर्वजों की श्राद्ध अवधि
चातुर्मास जुलाई–अक्टूबर देवशयनी से देवोत्थानी तक
गुरु/शुक्र अस्त ग्रह गति के अनुसार विवाह कारक ग्रह निर्बल

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में सबसे अच्छा शादी का महीना कौन सा है?

2026 में फरवरी, मई और नवंबर सबसे अधिक शुभ विवाह मुहूर्त वाले महीने हैं। इन महीनों में रोहिणी, मृगशीर्ष, उत्तरा फाल्गुनी जैसे अति शुभ नक्षत्रों का संयोग बन रहा है और गुरु-शुक्र भी बली स्थिति में हैं।

विवाह मुहूर्त में कौन से नक्षत्र शुभ माने जाते हैं?

रोहिणी, मृगशीर्ष, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़, उत्तर भाद्रपद और रेवती विवाह के लिए श्रेष्ठ हैं। इनमें रोहिणी और मृगशीर्ष को सर्वोत्तम माना गया है क्योंकि इनके देवता क्रमशः ब्रह्मा और चंद्र हैं जो दाम्पत्य सुख के प्रतीक हैं।

2026 में विवाह के लिए कौन से महीने अशुभ हैं?

पितृ पक्ष (18 सितंबर – 2 अक्टूबर), होलाष्टक (17–24 मार्च), चातुर्मास (जुलाई–अक्टूबर) और जब गुरु व शुक्र अस्त हों — इन काल में विवाह वर्जित माना जाता है। इन अवधियों में किए गए विवाह को शास्त्रों में शुभ नहीं माना गया है।

शुभ विवाह तिथि कैसे चुनें?

शुभ नक्षत्र, शुभ तिथि (द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी), शुभ लग्न (वृषभ, मिथुन, तुला, धनु, मीन), गुरु-शुक्र का उदय, और दोनों की कुंडली में मंगल दोष की स्थिति — इन पाँच बातों का विचार करके मुहूर्त चुनें।

क्या गुरु और शुक्र के अस्त होने पर विवाह हो सकता है?

नहीं। बृहस्पति और शुक्र के अस्त काल में विवाह संस्कार अशुभ माना जाता है। शुक्र प्रेम और दाम्पत्य का कारक ग्रह है, और बृहस्पति विवाह व संतान का कारक है। इनके अस्त रहने पर विवाह में बाधा और दाम्पत्य में अशांति की आशंका रहती है।

📚 और पढ़ें

🔮 अपनी कुंडली और विवाह योग जानें

अपनी जन्म कुंडली से जानें आपका शुभ विवाह मुहूर्त और विवाह योग कब है

मुफ्त कुंडली बनाएं →
💌

शुभ मुहूर्त की जानकारी पाएं

50,000+ परिवारों से जुड़ें! हर माह के शुभ मुहूर्त, त्योहार और ज्योतिष जानकारी सीधे इनबॉक्स में।

कोई स्पैम नहीं। कभी भी अनसब्सक्राइब करें।