🏠 गृह प्रवेश मुहूर्त 2025 🏠

House Warming Dates - Auspicious Griha Pravesh Muhurat

2025 में गृह प्रवेश के शुभ मुहूर्त

नमस्कार! GrahaGuru.in पर आपका स्वागत है। नए घर में प्रवेश जीवन का एक महत्वपूर्ण और शुभ अवसर है। वैदिक परंपरा में गृह प्रवेश के लिए शुभ मुहूर्त का चयन अत्यंत आवश्यक माना जाता है। सही मुहूर्त में किया गया गृह प्रवेश परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लाता है।

गृह प्रवेश या ग्रह प्रवेश, जिसे हाउस वार्मिंग भी कहते हैं, तीन प्रकार का होता है: अपराजिता गृह प्रवेश (नए बने घर में पहली बार प्रवेश), सपराजिता गृह प्रवेश (पुराने या खरीदे हुए घर में प्रवेश), और द्वंद्व गृह प्रवेश (मरम्मत या रेनोवेशन के बाद)।

🎯 गृह प्रवेश मुहूर्त में क्या देखा जाता है?
  • तिथि: शुक्ल पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी
  • वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार शुभ
  • नक्षत्र: अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, रेवती
  • लग्न: वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला
  • चंद्र राशि: मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु
⚠️ इन अवधियों में गृह प्रवेश वर्जित:
  • खर मास / मलमास (जनवरी-फरवरी 2025)
  • चातुर्मास (जुलाई-नवंबर की कुछ अवधि)
  • श्राद्ध पक्ष (सितंबर)
  • सूर्य या चंद्र ग्रहण के दिन
  • अमावस्या
📅 फरवरी 2025 (February)
🗓️ 15 फरवरी (शनिवार)

तिथि: शुक्ल पक्ष अष्टमी | नक्षत्र: पुष्य (विशेष शुभ)

शुभ समय: 10:00 AM - 2:00 PM

🗓️ 19 फरवरी (बुधवार)

तिथि: शुक्ल पक्ष द्वादशी | नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी

शुभ समय: 11:30 AM - 3:00 PM

🗓️ 26 फरवरी (बुधवार)

तिथि: कृष्ण पक्ष चतुर्थी | नक्षत्र: चित्रा

शुभ समय: 10:30 AM - 1:30 PM

📅 मार्च 2025 (March)
🗓️ 5 मार्च (बुधवार)

तिथि: शुक्ल पक्ष पंचमी | नक्षत्र: मृगशिरा

शुभ समय: 11:00 AM - 2:30 PM

🗓️ 12 मार्च (बुधवार)

तिथि: शुक्ल पक्ष द्वादशी | नक्षत्र: पुष्य

शुभ समय: 10:00 AM - 1:00 PM

🗓️ 24 मार्च (सोमवार)

तिथि: कृष्ण पक्ष सप्तमी | नक्षत्र: श्रवण

शुभ समय: 11:30 AM - 3:00 PM

📅 अप्रैल 2025 (April)
🗓️ 2 अप्रैल (बुधवार)

तिथि: शुक्ल पक्ष चतुर्थी | नक्षत्र: रोहिणी

शुभ समय: 10:30 AM - 2:00 PM

🗓️ 16 अप्रैल (बुधवार)

तिथि: कृष्ण पक्ष त्रिया | नक्षत्र: अनुराधा

शुभ समय: 11:00 AM - 3:00 PM

🗓️ 23 अप्रैल (बुधवार)

तिथि: कृष्ण पक्ष दशमी | नक्षत्र: रेवती

शुभ समय: 12:00 PM - 4:00 PM

📅 मई 2025 (May)
🗓️ 1 मई (गुरुवार) ⭐ विशेष

तिथि: अक्षय तृतीया (अबूझ मुहूर्त)

नक्षत्र: कृत्तिका

शुभ समय: पूरा दिन शुभ

विशेषता: बिना पंचांग देखे शुभ

🗓️ 9 मई (शुक्रवार)

तिथि: शुक्ल पक्ष एकादशी | नक्षत्र: आर्द्रा

शुभ समय: 11:00 AM - 2:00 PM

🗓️ 21 मई (बुधवार)

तिथि: कृष्ण पक्ष सप्तमी | नक्षत्र: अनुराधा

शुभ समय: 10:30 AM - 1:30 PM

🗓️ 29 मई (गुरुवार)

तिथि: शुक्ल पक्ष तृतीया | नक्षत्र: अश्विनी

शुभ समय: 11:30 AM - 3:00 PM

📅 नवंबर 2025 (November)
🗓️ 10 नवंबर (सोमवार)

तिथि: कृष्ण पक्ष चतुर्थी | नक्षत्र: रोहिणी

शुभ समय: 10:00 AM - 1:00 PM

🗓️ 19 नवंबर (बुधवार)

तिथि: कृष्ण पक्ष त्रयोदशी | नक्षत्र: हस्त

शुभ समय: 11:00 AM - 2:30 PM

🗓️ 26 नवंबर (बुधवार)

तिथि: शुक्ल पक्ष पंचमी | नक्षत्र: पुष्य

शुभ समय: 12:00 PM - 4:00 PM

📅 दिसंबर 2025 (December)
🗓️ 4 दिसंबर (गुरुवार)

तिथि: शुक्ल पक्ष त्रयोदशी | नक्षत्र: मृगशिरा

शुभ समय: 10:30 AM - 2:00 PM

🗓️ 11 दिसंबर (गुरुवार)

तिथि: कृष्ण पक्ष तृतीया | नक्षत्र: चित्रा

शुभ समय: 11:00 AM - 3:00 PM

🗓️ 22 दिसंबर (सोमवार)

तिथि: शुक्ल पक्ष द्वितीया | नक्षत्र: रेवती

शुभ समय: 10:00 AM - 1:00 PM

🗓️ 31 दिसंबर (बुधवार)

तिथि: शुक्ल पक्ष एकादशी | नक्षत्र: पुनर्वसु

शुभ समय: 11:30 AM - 3:30 PM

🙏 गृह प्रवेश पूजा विधि

1. पूजा से पहले की तैयारी

2. पूजा सामग्री

3. पूजा की विधि (स्टेप बाय स्टेप)

  1. गणेश पूजन: सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें, विघ्न हरण के लिए प्रार्थना करें
  2. कलश स्थापना: मुख्य द्वार पर मंगल कलश स्थापित करें, कलश में जल, सुपारी, सिक्के और आम के पत्ते रखें
  3. वास्तु पूजन: घर के चारों कोनों में दीपक जलाएं, वास्तु देवता का आह्वान करें
  4. नवग्रह पूजन: नौ ग्रहों की पूजा करें, उनकी शांति के लिए मंत्र का जाप करें
  5. गो पूजन: यदि संभव हो तो गाय और बछड़े का पूजन करें, गाय को चारा खिलाएं
  6. हवन: छोटा हवन कुंड बनाकर हवन करें, घी, समिधा, गुग्गुल डालें
  7. आरती: सभी देवी-देवताओं की आरती करें
  8. प्रवेश: सबसे पहले गृह स्वामी की माता या पत्नी दूध से भरा कलश लेकर प्रवेश करें, फिर सभी सदस्य प्रवेश करें

4. महत्वपूर्ण मंत्र

गणेश मंत्र:
"ॐ गं गणपतये नमः"
"वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥"

वास्तु मंत्र:
"ॐ वास्तोष्पते प्रतिजानीह्यस्मान् स्वावेशो अनमीवो भवा नः। यत् त्वे महे प्रतितन्नो जुषस्व शन् नो भव द्विपदे शन् चतुष्पदे॥"

लक्ष्मी मंत्र:
"ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः"

5. प्रवेश के बाद

🏡 वास्तु शास्त्र के महत्वपूर्ण सुझाव

प्रवेश द्वार (Main Entrance)

  • उत्तर या पूर्व दिशा में हो तो सर्वोत्तम
  • मुख्य द्वार बड़ा और आकर्षक हो
  • दरवाजे पर गणेश जी की मूर्ति या स्वस्तिक बनाएं
  • टूटे या खराब दरवाजे न रखें

रसोई (Kitchen)

  • दक्षिण-पूर्व (अग्नि कोण) में सर्वश्रेष्ठ
  • चूल्हा हमेशा पूर्व या दक्षिण दिशा में
  • रसोई साफ और व्यवस्थित रखें
  • पानी का स्रोत उत्तर-पूर्व में हो

शयन कक्ष (Bedroom)

  • मास्टर बेडरूम दक्षिण-पश्चिम में
  • सिर दक्षिण या पूर्व दिशा में रखकर सोएं
  • बेड के नीचे कूड़ा न रखें
  • दर्पण बेड के सामने न लगाएं

पूजा कक्ष (Prayer Room)

  • उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में सर्वोत्तम
  • पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके पूजा करें
  • पूजा कक्ष सदैव स्वच्छ रखें
  • जूते-चप्पल बाहर रखें

शौचालय (Bathroom)

  • उत्तर-पश्चिम या दक्षिण दिशा में
  • ईशान कोण में कभी न बनाएं
  • शौचालय का दरवाजा बंद रखें
  • नियमित सफाई आवश्यक

तिजोरी/लॉकर (Safe)

  • उत्तर दिशा की दीवार के पास
  • तिजोरी उत्तर या पूर्व खुले
  • दक्षिण-पश्चिम कोने में न रखें
  • तिजोरी में लक्ष्मी यंत्र रखें

सामान्य वास्तु सुझाव

✅ गृह प्रवेश में करें और न करें

✅ अवश्य करें (Do's)

  1. गृह प्रवेश से कुछ दिन पहले घर की पूरी सफाई करें
  2. मुहूर्त के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें
  3. घर में गाय का गोबर लेपन करें (यदि संभव हो)
  4. मुख्य द्वार पर स्वस्तिक और ॐ का निशान बनाएं
  5. घर के सभी कोनों में दीपक जलाएं
  6. नमक के पानी से घर की मोप करें (नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के लिए)
  7. गरीबों और ब्राह्मणों को दान दें
  8. पहली रात घर में अवश्य रुकें
  9. पड़ोसियों को मिठाई बांटें
  10. घर में हंसी-खुशी का माहौल बनाए रखें

❌ न करें (Don'ts)

  1. खाली हाथ घर में प्रवेश न करें
  2. रात के समय गृह प्रवेश न करें
  3. अमावस्या, ग्रहण या श्राद्ध पक्ष में प्रवेश न करें
  4. गृह प्रवेश के दिन किसी से लड़ाई-झगड़ा न करें
  5. नकारात्मक विचार या बातें न करें
  6. काले रंग के कपड़े न पहनें
  7. मांसाहार या मदिरा का सेवन न करें
  8. घर में पुराना या टूटा सामान न रखें
  9. गंदगी या अव्यवस्था न छोड़ें
  10. गृह प्रवेश के तुरंत बाद घर को खाली न छोड़ें

🗺️ क्षेत्रीय रीति-रिवाज

उत्तर भारत

दक्षिण भारत

पूर्व भारत

पश्चिम भारत

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❓ गृह प्रवेश से जुड़े प्रश्न

Q1. गृह प्रवेश के लिए सबसे शुभ महीना कौन सा है?
2025 में फरवरी, मई, नवंबर और दिसंबर गृह प्रवेश के लिए सबसे शुभ महीने हैं। इन महीनों में मौसम भी अनुकूल होता है और ज्योतिषीय रूप से भी शुभ योग बनते हैं। विशेष रूप से मई में अक्षय तृतीया अत्यंत शुभ है।
Q2. क्या शनिवार को गृह प्रवेश कर सकते हैं?
शनिवार को गृह प्रवेश आदर्श नहीं माना जाता क्योंकि शनि विलंब का कारक है। हालांकि, यदि अन्य सभी कारक (तिथि, नक्षत्र, लग्न) अनुकूल हैं और शनि की दशा अच्छी है, तो शनि शांति पूजा करके गृह प्रवेश किया जा सकता है।
Q3. गृह प्रवेश में कितना खर्च आता है?
गृह प्रवेश का खर्च आपकी पसंद और बजट पर निर्भर करता है। साधारण पूजा 2,000-5,000 रुपये में हो सकती है, जबकि विस्तृत पूजा और पंडित के साथ 10,000-25,000 रुपये तक खर्च हो सकता है। भोजन, मिठाई वितरण आदि अलग से है।
Q4. क्या बिना पूजा के गृह प्रवेश कर सकते हैं?
हिंदू परंपरा में गृह प्रवेश पूजा अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह घर में सकारात्मक ऊर्जा लाती है और वास्तु दोषों का निवारण करती है। हालांकि, यदि किसी कारणवश विस्तृत पूजा संभव न हो, तो कम से कम गणेश पूजन और दीप जलाना आवश्यक है।
Q5. पुराने घर में गृह प्रवेश कैसे करें?
पुराने या खरीदे हुए घर में गृह प्रवेश को 'सपराजिता गृह प्रवेश' कहते हैं। इसमें: 1) घर की पूरी सफाई और पुताई करें, 2) वास्तु शांति पूजा करें, 3) नवग्रह पूजन करें, 4) नमक के पानी से घर साफ करें (पुरानी ऊर्जा हटाने के लिए), 5) सामान्य गृह प्रवेश मुहूर्त और पूजा की विधि ही अपनाएं।
Q6. गृह प्रवेश में किसे पहले प्रवेश करना चाहिए?
परंपरागत रूप से सबसे पहले घर की मुख्य महिला (माँ या पत्नी) दूध या पानी से भरा कलश लेकर दाहिने पैर से प्रवेश करती हैं। फिर घर के मुखिया और अन्य सदस्य प्रवेश करते हैं। कुछ परंपराओं में सबसे पहले भगवान की मूर्ति या पूजा की थाली को घर में ले जाया जाता है।
Q7. गृह प्रवेश के बाद क्या करें?
गृह प्रवेश के बाद: 1) पहली रात घर में अवश्य रुकें, 2) रसोई में खीर या मीठा बनाएं, 3) सभी कमरों में दीपक जलाएं, 4) परिवार के साथ भोजन करें, 5) अगले कुछ दिनों तक दैनिक पूजा जारी रखें, 6) घर को साफ और सकारात्मक रखें, 7) पड़ोसियों से मिलें और संबंध बनाएं।
Q8. क्या किराये के घर में गृह प्रवेश करना चाहिए?
हाँ, किराये के घर में भी गृह प्रवेश करना शुभ है, भले ही वह सरल रूप में हो। आप: 1) शुभ मुहूर्त देख सकते हैं, 2) गणेश पूजन कर सकते हैं, 3) घर में दीपक जला सकते हैं, 4) नमक के पानी से सफाई कर सकते हैं। यह घर में सकारात्मक ऊर्जा लाता है।
Q9. वास्तु दोष होने पर क्या करें?
यदि घर में वास्तु दोष है तो: 1) गृह प्रवेश से पहले वास्तु शांति पूजा करें, 2) विशेष यंत्र स्थापित करें, 3) वास्तु उपायों का पालन करें जैसे - दर्पण लगाना, पौधे रखना, रंगों का सही उपयोग, 4) नियमित पूजा और सकारात्मक विचार रखें। पूर्ण निर्माण में वास्तु सिद्धांत अपनाएं।
Q10. क्या गर्भवती महिला गृह प्रवेश कर सकती है?
हाँ, गर्भवती महिला गृह प्रवेश कर सकती है। वास्तव में, नए घर में जाना गर्भवती महिला के लिए शुभ माना जाता है क्योंकि यह नई शुरुआत और सृजन का प्रतीक है। बस यह सुनिश्चित करें कि: 1) पूजा लंबी न हो, 2) आराम से बैठने की व्यवस्था हो, 3) धुएं और गर्मी से बचाव हो। कुछ परंपराओं में गर्भावस्था के पहले तीन महीने में लंबी यात्रा से बचा जाता है।

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