🔮 कुंडली बनाये फ्री 🔮

Free Online Kundali - Janam Kundali Banaye Bilkul Muft

मुफ्त में अपनी जन्म कुंडली बनाएं

नमस्कार! GrahaGuru.in पर आपका स्वागत है। यहाँ आप बिल्कुल मुफ्त में अपनी सम्पूर्ण जन्म कुंडली (Janam Kundali) बना सकते हैं। हमारी वेबसाइट वैदिक ज्योतिष के प्राचीन सिद्धांतों और आधुनिक तकनीक का संयोजन करके आपको सबसे सटीक कुंडली प्रदान करती है।

कुंडली, जिसे Birth Chart या Horoscope भी कहते हैं, आपके जन्म के समय आकाश में ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति का एक विस्तृत मानचित्र है। यह आपके जीवन के विभिन्न पहलुओं - करियर, विवाह, स्वास्थ्य, शिक्षा, धन और संबंधों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करती है।

🎯 क्यों बनाएं कुंडली?
  • अपनी राशि, लग्न और नक्षत्र जानें
  • जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं के समय को समझें
  • करियर और व्यवसाय में सही दिशा चुनें
  • विवाह और रिश्तों में अनुकूलता जांचें
  • ग्रह दशाओं का प्रभाव जानें
  • योग और दोषों की पहचान करें

📝 अपनी कुंडली बनाने के लिए जानकारी भरें

ℹ️ महत्वपूर्ण सूचना:
सटीक कुंडली के लिए जन्म समय बिल्कुल सही होना चाहिए। यदि आपको सटीक समय नहीं पता है, तो जन्म प्रमाण पत्र या अस्पताल के रिकॉर्ड से समय की पुष्टि करें।

📋 कुंडली कैसे बनाएं? (Step-by-Step Guide)

1 व्यक्तिगत जानकारी भरें: सबसे पहले अपना नाम और लिंग चुनें। यह जानकारी कुंडली की व्याख्या में सहायक होती है।
2 जन्म तिथि दर्ज करें: अपनी जन्म तिथि (Date of Birth) सही-सही भरें। दिन, महीना और वर्ष तीनों सही होने चाहिए।
3 जन्म समय बताएं: यह सबसे महत्वपूर्ण है। घंटे और मिनट दोनों सटीक होने चाहिए। AM/PM का ध्यान रखें। यदि संभव हो तो जन्म प्रमाण पत्र देखें।
4 जन्म स्थान का चयन करें: वह शहर या गांव लिखें जहाँ आपका जन्म हुआ था। हमारा सिस्टम स्वतः latitude और longitude निर्धारित कर लेगा।
5 सबमिट करें: सभी जानकारी भरने के बाद "कुंडली बनाएं" बटन पर क्लिक करें। आपकी कुंडली तुरंत तैयार हो जाएगी।
6 कुंडली डाउनलोड करें: आप अपनी कुंडली को PDF फॉर्मेट में डाउनलोड कर सकते हैं और भविष्य में उपयोग के लिए सहेज सकते हैं।

🎯 कुंडली बनाने के लिए आवश्यक जानकारी

1. जन्म तिथि (Date of Birth)

यह आपके जन्म का पूरा दिन, महीना और साल है। इससे सूर्य और अन्य धीमी चाल वाले ग्रहों की स्थिति निर्धारित होती है।

उदाहरण: 15 अगस्त 1990

2. जन्म समय (Time of Birth)

यह कुंडली बनाने का सबसे महत्वपूर्ण कारक है। जन्म समय से लग्न (Ascendant) निर्धारित होता है जो पूरी कुंडली का आधार है। समय में एक मिनट का अंतर भी लग्न बदल सकता है।

कैसे पता करें:
  • जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) देखें
  • अस्पताल के रिकॉर्ड चेक करें
  • माता-पिता से पूछें
  • यदि सटीक समय नहीं पता, तो सूर्योदय का समय (Sunrise) लिख सकते हैं

3. जन्म स्थान (Place of Birth)

वह शहर, गांव या स्थान जहाँ आपका जन्म हुआ था। इससे भौगोलिक अक्षांश (Latitude) और देशांतर (Longitude) निर्धारित होता है, जो ग्रहों की सटीक स्थिति के लिए आवश्यक है।

ध्यान दें: यदि आप छोटे गांव या कस्बे से हैं, तो निकटतम बड़े शहर का नाम भी लिख सकते हैं।

✨ हमारी मुफ्त कुंडली में क्या मिलेगा?

📊

रासी चक्र

12 भावों में सभी ग्रहों की स्थिति और उनका विस्तृत विश्लेषण

🌙

राशि और नक्षत्र

चंद्र राशि, सूर्य राशि, जन्म नक्षत्र, चरण और राशि स्वामी

दशा विवरण

विम्शोत्तरी महादशा, अंतर्दशा और प्रत्यंतर दशा की पूरी जानकारी

🎭

योग विश्लेषण

राजयोग, धनयोग, गजकेसरी योग आदि शुभ योगों की जानकारी

⚠️

दोष परीक्षण

मांगलिक दोष, कालसर्प दोष, पितृ दोष, साढ़े साती की जांच

💑

विवाह विश्लेषण

विवाह समय, जीवनसाथी का स्वभाव और वैवाहिक जीवन की भविष्यवाणी

💼

करियर मार्गदर्शन

उपयुक्त व्यवसाय, नौकरी या बिजनेस की दिशा

💰

धन और संपत्ति

वित्तीय स्थिति, धन लाभ के समय और संपत्ति योग

🏥

स्वास्थ्य विश्लेषण

संभावित स्वास्थ्य समस्याएं और बचाव के उपाय

📚

शिक्षा और ज्ञान

शिक्षा में सफलता, उच्च शिक्षा और विदेश यात्रा के योग

🔢

वर्ग कुंडली

नवांश, दशमांश, सप्तांश आदि विभिन्न वर्ग चक्र

🌟

उपाय और समाधान

ग्रह दोषों के निवारण के लिए विशेष उपाय और मंत्र

📖 कुंडली कैसे पढ़ें? (How to Read Kundali)

1. लग्न (Ascendant/Rising Sign)

कुंडली में सबसे महत्वपूर्ण है लग्न। यह वह राशि है जो आपके जन्म के समय पूर्वी क्षितिज पर उदय हो रही थी। लग्न से आपके व्यक्तित्व, शारीरिक बनावट और जीवन दृष्टिकोण का पता चलता है।

2. 12 भाव (12 Houses)

कुंडली में 12 भाव होते हैं, प्रत्येक जीवन के एक विशेष पहलू को दर्शाता है:

भाव कारक विवरण
प्रथम भाव (लग्न) स्वयं व्यक्तित्व, स्वास्थ्य, शारीरिक बनावट
द्वितीय भाव धन धन, परिवार, वाणी, आहार
तृतीय भाव साहस भाई-बहन, साहस, लघु यात्रा, संचार
चतुर्थ भाव सुख माता, घर, वाहन, संपत्ति, शिक्षा
पंचम भाव संतान बच्चे, बुद्धि, प्रेम संबंध, रचनात्मकता
षष्ठ भाव शत्रु/रोग बीमारी, शत्रु, कर्ज, सेवा
सप्तम भाव विवाह जीवनसाथी, व्यापार, साझेदारी
अष्टम भाव आयु आयु, रहस्य, विरासत, दुर्घटना
नवम भाव भाग्य धर्म, भाग्य, पिता, लंबी यात्रा, उच्च शिक्षा
दशम भाव कर्म करियर, प्रतिष्ठा, सामाजिक स्थिति
एकादश भाव लाभ आय, लाभ, मित्र, इच्छा पूर्ति
द्वादश भाव व्यय खर्च, विदेश यात्रा, मोक्ष, एकांत

3. ग्रह (Planets)

कुंडली में 9 मुख्य ग्रह होते हैं:

4. दशा (Planetary Periods)

वैदिक ज्योतिष में विम्शोत्तरी दशा प्रणाली का उपयोग होता है। यह 120 वर्ष का चक्र है जो 9 ग्रहों में विभाजित है। प्रत्येक ग्रह की दशा में उस ग्रह का प्रभाव जीवन में प्रमुख होता है।

दशा अवधि:
सूर्य - 6 वर्ष | चंद्र - 10 वर्ष | मंगल - 7 वर्ष | राहु - 18 वर्ष
गुरु - 16 वर्ष | शनि - 19 वर्ष | बुध - 17 वर्ष | केतु - 7 वर्ष | शुक्र - 20 वर्ष

5. योग (Yogas)

योग विशेष ग्रह संयोजन होते हैं जो जीवन में विशेष प्रभाव डालते हैं:

6. दोष (Doshas)

कुछ ग्रह स्थितियां दोष कहलाती हैं जिनके उपाय करने आवश्यक होते हैं:

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कुंडली बनाएं

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q1. कुंडली बनाने के लिए क्या जानकारी चाहिए?
कुंडली बनाने के लिए आपको तीन मुख्य जानकारी की आवश्यकता होती है: 1) जन्म तिथि (Date of Birth), 2) जन्म समय (Time of Birth) - घंटे और मिनट सहित सटीक समय, 3) जन्म स्थान (Place of Birth) - शहर या गांव का नाम। ये तीनों जानकारी बेहद महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इन्हीं के आधार पर ग्रहों की सटीक स्थिति निर्धारित होती है।
Q2. ऑनलाइन कुंडली कितनी सटीक होती है?
ऑनलाइन कुंडली उतनी ही सटीक होती है जितनी किसी ज्योतिषी द्वारा बनाई गई कुंडली। GrahaGuru.in पर हम Swiss Ephemeris और NASA के डेटा का उपयोग करते हैं जो अत्यंत सटीक है। महत्वपूर्ण है कि आप सही और सटीक जन्म जानकारी दें। यदि जन्म समय में एक मिनट की गलती है, तो लग्न बदल सकता है।
Q3. यदि मुझे सटीक जन्म समय नहीं पता तो क्या करूं?
यदि आपको सटीक जन्म समय नहीं पता है, तो: 1) जन्म प्रमाण पत्र देखें, 2) अस्पताल के रिकॉर्ड से पता करें, 3) माता-पिता से पूछें, 4) यदि फिर भी नहीं पता, तो सूर्योदय का समय (लगभग 6:00 AM) या दोपहर 12:00 बजे का समय उपयोग कर सकते हैं। हालांकि, बिना सटीक समय के कुंडली में लग्न और भाव सही नहीं होंगे।
Q4. कुंडली में क्या-क्या देखा जाता है?
कुंडली में निम्नलिखित मुख्य तत्व देखे जाते हैं: 1) राशि और लग्न (चंद्र राशि और आरोही राशि), 2) नक्षत्र और चरण, 3) 12 भावों में ग्रहों की स्थिति, 4) महादशा और अंतर्दशा (ग्रह काल), 5) विशेष योग जैसे राजयोग, धनयोग, गजकेसरी योग, 6) दोष जैसे मांगलिक दोष, कालसर्प दोष, पितृ दोष, 7) सप्तांश, नवांश आदि विभिन्न वर्ग कुंडली।
Q5. कुंडली बनाने में कितना समय लगता है?
GrahaGuru.in पर ऑनलाइन कुंडली तुरंत बनती है। जानकारी भरने के बाद कुछ ही सेकंड में आपकी पूर्ण कुंडली तैयार हो जाती है। आप इसे PDF में डाउनलोड भी कर सकते हैं। पारंपरिक तरीके से कुंडली बनाने में घंटों लग सकते हैं, लेकिन हमारा उन्नत सॉफ्टवेयर तुरंत सटीक गणना कर देता है।
Q6. क्या मुझे अपनी कुंडली हिंदी में मिल सकती है?
हाँ, GrahaGuru.in पर कुंडली हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है। आप अपनी सुविधानुसार भाषा चुन सकते हैं। हिंदी कुंडली में सभी ग्रह, राशि, भाव और योग के नाम देवनागरी लिपि में होते हैं।
Q7. मांगलिक दोष कैसे पता करें?
मांगलिक दोष तब होता है जब मंगल ग्रह लग्न से 1, 4, 7, 8 या 12वें भाव में होता है। GrahaGuru.in पर बनी कुंडली में मांगलिक दोष की स्वतः जांच हो जाती है और यदि दोष है तो उसकी तीव्रता (निम्न, मध्यम या उच्च) भी बताई जाती है। साथ ही उपाय भी दिए जाते हैं।
Q8. कुंडली में राशि और लग्न में क्या अंतर है?
राशि (विशेष रूप से चंद्र राशि) वह राशि है जिसमें जन्म के समय चंद्रमा था। यह आपके मन और भावनाओं को दर्शाती है। लग्न (Ascendant) वह राशि है जो जन्म के समय पूर्वी क्षितिज पर उदय हो रही थी। यह आपके व्यक्तित्व और शारीरिक स्वरूप को दर्शाती है। वैदिक ज्योतिष में दोनों महत्वपूर्ण हैं।
Q9. क्या कुंडली बदल सकती है?
नहीं, जन्म कुंडली कभी नहीं बदलती क्योंकि यह आपके जन्म के समय ग्रहों की स्थिति का स्थायी चित्र है। हालांकि, ग्रह गोचर (Transit) बदलता रहता है - यानी वर्तमान में ग्रह कहाँ हैं और वे आपकी जन्म कुंडली को कैसे प्रभावित कर रहे हैं। दशाएं भी समय के साथ बदलती हैं।
Q10. कुंडली मिलान कैसे करें?
कुंडली मिलान के लिए दोनों (लड़का और लड़की) की पूर्ण जन्म कुंडली की आवश्यकता होती है। वैदिक ज्योतिष में गुण मिलान, मांगलिक दोष, नाड़ी दोष आदि की जांच की जाती है। कुल 36 गुणों का मिलान होता है। GrahaGuru.in पर आप दोनों कुंडलियां बनाकर मिलान कर सकते हैं।

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🌟 वैदिक ज्योतिष और कुंडली का महत्व

वैदिक ज्योतिष भारत की प्राचीन विद्या है जिसका इतिहास 5000 वर्षों से भी पुराना है। यह विज्ञान और अध्यात्म का अद्भुत संगम है। ऋषि-मुनियों ने वर्षों के अध्ययन और ध्यान से ग्रहों और नक्षत्रों के प्रभाव को समझा और कुंडली विज्ञान की रचना की।

कुंडली क्यों बनवाएं?

जन्म कुंडली आपके जीवन का नक्शा है। यह बताती है कि:

GrahaGuru.in क्यों चुनें?

कुंडली का उपयोग कब करें?