💒 विवाह मुहूर्त 2025 💒

Shadi Ki Shubh Dates 2025 - Auspicious Marriage Muhurat Calendar

2025 में विवाह के शुभ मुहूर्त

नमस्कार! GrahaGuru.in पर आपका स्वागत है। यहाँ आपको मिलेगा 2025 के सभी शुभ विवाह मुहूर्त की सम्पूर्ण जानकारी। हमारे अनुभवी ज्योतिषियों ने वैदिक ज्योतिष के सिद्धांतों के अनुसार वर्ष 2025 की सभी शुभ विवाह तिथियां निर्धारित की हैं।

विवाह जीवन का सबसे महत्वपूर्ण संस्कार है। वैदिक परंपरा में विवाह के लिए शुभ मुहूर्त का चयन अत्यंत आवश्यक माना जाता है। सही मुहूर्त में किया गया विवाह दांपत्य जीवन में सुख, समृद्धि और स्थायित्व लाता है।

🎯 विवाह मुहूर्त में क्या देखा जाता है?
  • तिथि: शुक्ल पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी और त्रयोदशी
  • वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार शुभ
  • नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, उत्तराभाद्रपद, रेवती
  • लग्न: वृषभ, मिथुन, कर्क, तुला, धनु और मीन लग्न शुभ
  • योग: सिद्ध योग, अमृत सिद्धि योग, द्विपुष्कर योग शुभ
⚠️ इन तिथियों में विवाह वर्जित:
  • खर मास (मलमास) में
  • अधिक मास में
  • ग्रहण के दिन और उसके आगे-पीछे
  • होलिका दहन और होली
  • श्राद्ध पक्ष (पितृ पक्ष)
  • चातुर्मास (आषाढ़ पूर्णिमा से कार्तिक पूर्णिमा)
📅 जनवरी 2025 (January 2025)
⚠️ सूचना: जनवरी 2025 में खर मास होने के कारण विवाह मुहूर्त नहीं हैं। खर मास 14 जनवरी से 12 फरवरी 2025 तक रहेगा।

विशेष नोट: खर मास में विवाह, गृह प्रवेश और अन्य शुभ कार्य वर्जित हैं। इस महीने में केवल आवश्यक धार्मिक कार्य ही करें।

📅 फरवरी 2025 (February 2025)

महीने की विशेषता: खर मास समाप्त होने के बाद फरवरी में शुभ मुहूर्त शुरू होंगे। वसंत ऋतु का यह समय विवाह के लिए अत्यंत शुभ है।

🗓️ 14 फरवरी 2025 (शुक्रवार)
तिथि: शुक्ल पक्ष सप्तमी
नक्षत्र: पुष्य (विशेष शुभ)
शुभ समय: 10:30 AM - 3:00 PM
विशेषता: वेलेंटाइन डे + शुभ पुष्य नक्षत्र
🗓️ 17 फरवरी 2025 (सोमवार)
तिथि: शुक्ल पक्ष दशमी
नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी
शुभ समय: 11:00 AM - 2:30 PM
🗓️ 21 फरवरी 2025 (शुक्रवार)
तिथि: शुक्ल पक्ष चतुर्दशी
नक्षत्र: हस्त
शुभ समय: 12:00 PM - 4:00 PM
🗓️ 27 फरवरी 2025 (गुरुवार)
तिथि: कृष्ण पक्ष पंचमी
नक्षत्र: स्वाति
शुभ समय: 10:00 AM - 1:00 PM
📅 मार्च 2025 (March 2025)

महीने की विशेषता: मार्च में होली के कारण कुछ दिनों में विवाह वर्जित है। होलिका दहन (13 मार्च) और होली (14 मार्च) के आस-पास विवाह नहीं करना चाहिए।

🗓️ 3 मार्च 2025 (सोमवार)
तिथि: शुक्ल पक्ष तृतीया
नक्षत्र: रोहिणी (सर्वश्रेष्ठ)
शुभ समय: 11:30 AM - 3:30 PM
विशेषता: रोहिणी नक्षत्र विवाह के लिए सर्वश्रेष्ठ
🗓️ 7 मार्च 2025 (शुक्रवार)
तिथि: शुक्ल पक्ष सप्तमी
नक्षत्र: आर्द्रा
शुभ समय: 10:00 AM - 2:00 PM
⚠️ होली अवधि: 13-15 मार्च तक विवाह वर्जित
🗓️ 20 मार्च 2025 (गुरुवार)
तिथि: कृष्ण पक्ष तृतीया
नक्षत्र: अनुराधा
शुभ समय: 12:00 PM - 3:00 PM
🗓️ 26 मार्च 2025 (बुधवार)
तिथि: कृष्ण पक्ष नवमी
नक्षत्र: रेवती
शुभ समय: 11:00 AM - 2:30 PM
📅 अप्रैल 2025 (April 2025)

महीने की विशेषता: अप्रैल में चैत्र नवरात्रि होने के कारण कुछ दिनों में विवाह की मान्यता कम है। हालांकि, महीने के अंत में कुछ शुभ मुहूर्त हैं।

🗓️ 10 अप्रैल 2025 (गुरुवार)
तिथि: शुक्ल पक्ष द्वादशी
नक्षत्र: पुनर्वसु
शुभ समय: 10:30 AM - 1:30 PM
🗓️ 18 अप्रैल 2025 (शुक्रवार)
तिथि: कृष्ण पक्ष पंचमी
नक्षत्र: चित्रा
शुभ समय: 11:00 AM - 3:00 PM
🗓️ 25 अप्रैल 2025 (शुक्रवार)
तिथि: कृष्ण पक्ष द्वादशी
नक्षत्र: उत्तराभाद्रपद
शुभ समय: 12:00 PM - 4:00 PM
📅 मई 2025 (May 2025)

महीने की विशेषता: मई में अक्षय तृतीया का महापर्व है जो विवाह के लिए सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त माना जाता है। इस दिन बिना मुहूर्त देखे भी विवाह किया जा सकता है।

🗓️ 1 मई 2025 (गुरुवार) ⭐ विशेष
तिथि: शुक्ल पक्ष तृतीया - अक्षय तृतीया
नक्षत्र: कृत्तिका
शुभ समय: पूरा दिन शुभ (सूर्योदय से सूर्यास्त)
विशेषता: अबूझ मुहूर्त - बिना पंचांग देखे शुभ
🗓️ 7 मई 2025 (बुधवार)
तिथि: शुक्ल पक्ष दशमी
नक्षत्र: मृगशिरा
शुभ समय: 10:00 AM - 2:00 PM
🗓️ 14 मई 2025 (बुधवार)
तिथि: पूर्णिमा
नक्षत्र: विशाखा
शुभ समय: 11:30 AM - 3:00 PM
🗓️ 22 मई 2025 (गुरुवार)
तिथि: कृष्ण पक्ष अष्टमी
नक्षत्र: धनिष्ठा
शुभ समय: 10:30 AM - 1:30 PM
🗓️ 28 मई 2025 (बुधवार)
तिथि: कृष्ण पक्ष चतुर्दशी
नक्षत्र: रेवती
शुभ समय: 11:00 AM - 3:00 PM
📅 जून - जुलाई 2025
⚠️ चातुर्मास सूचना: जून के अंत से चातुर्मास शुरू होता है जो नवंबर तक रहता है। इस अवधि में विवाह मुहूर्त सीमित या वर्जित होते हैं। कुछ परिवार इस अवधि में विवाह करते हैं, लेकिन पारंपरिक रूप से यह उचित नहीं माना जाता।
📅 नवंबर 2025 (November 2025)

महीने की विशेषता: नवंबर में चातुर्मास समाप्त होने के बाद विवाह सीजन शुरू होता है। यह विवाह के लिए सबसे लोकप्रिय महीनों में से एक है।

🗓️ 6 नवंबर 2025 (गुरुवार)
तिथि: पूर्णिमा (कार्तिक पूर्णिमा)
नक्षत्र: कृत्तिका
शुभ समय: 11:00 AM - 3:00 PM
🗓️ 11 नवंबर 2025 (मंगलवार)
तिथि: कृष्ण पक्ष पंचमी
नक्षत्र: पुष्य
शुभ समय: 10:30 AM - 2:30 PM
🗓️ 17 नवंबर 2025 (सोमवार)
तिथि: कृष्ण पक्ष एकादशी
नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी
शुभ समय: 12:00 PM - 4:00 PM
🗓️ 24 नवंबर 2025 (सोमवार)
तिथि: शुक्ल पक्ष तृतीया
नक्षत्र: रोहिणी
शुभ समय: 11:30 AM - 3:30 PM
🗓️ 28 नवंबर 2025 (शुक्रवार)
तिथि: शुक्ल पक्ष सप्तमी
नक्षत्र: आर्द्रा
शुभ समय: 10:00 AM - 2:00 PM
📅 दिसंबर 2025 (December 2025)

महीने की विशेषता: दिसंबर विवाह सीजन का चरम समय है। शीत ऋतु का यह महीना विवाह के लिए अत्यंत शुभ और लोकप्रिय है।

🗓️ 3 दिसंबर 2025 (बुधवार)
तिथि: शुक्ल पक्ष द्वादशी
नक्षत्र: पुनर्वसु
शुभ समय: 11:00 AM - 3:00 PM
🗓️ 8 दिसंबर 2025 (सोमवार)
तिथि: पूर्णिमा
नक्षत्र: मृगशिरा
शुभ समय: 10:30 AM - 2:30 PM
🗓️ 12 दिसंबर 2025 (शुक्रवार)
तिथि: कृष्ण पक्ष चतुर्थी
नक्षत्र: हस्त
शुभ समय: 11:30 AM - 3:30 PM
🗓️ 18 दिसंबर 2025 (गुरुवार)
तिथि: कृष्ण पक्ष दशमी
नक्षत्र: अनुराधा
शुभ समय: 12:00 PM - 4:00 PM
🗓️ 24 दिसंबर 2025 (बुधवार)
तिथि: शुक्ल पक्ष तृतीया
नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा
शुभ समय: 10:00 AM - 2:00 PM
🗓️ 29 दिसंबर 2025 (सोमवार)
तिथि: शुक्ल पक्ष अष्टमी
नक्षत्र: रेवती
शुभ समय: 11:00 AM - 3:00 PM

🔍 विवाह मुहूर्त चयन में महत्वपूर्ण बातें

1. क्षेत्रीय विविधताएं (Regional Variations)

भारत के विभिन्न क्षेत्रों में विवाह मुहूर्त की परंपराएं भिन्न हो सकती हैं:

2. कुंडली मिलान (Kundali Matching)

विवाह मुहूर्त से पहले कुंडली मिलान अत्यंत आवश्यक है:

3. व्यक्तिगत कुंडली से मुहूर्त (Personalized Muhurat)

सामान्य मुहूर्त के साथ-साथ वर-वधू की कुंडली के अनुसार व्यक्तिगत मुहूर्त भी देखना चाहिए:

4. ग्रह गोचर (Planetary Transits)

2025 में महत्वपूर्ण ग्रह गोचर:

5. मुहूर्त में विशेष योग

सर्वश्रेष्ठ योग:
  • सिद्ध योग: जब योग्य नक्षत्र और तिथि का संयोग
  • अमृत सिद्धि योग: विशेष वार-नक्षत्र संयोजन
  • सर्वार्थ सिद्धि योग: सभी कार्यों के लिए शुभ
  • रवि योग: सूर्य की विशेष स्थिति
  • द्विपुष्कर योग: दोगुने शुभ फल वाला योग

⭐ विवाह के लिए शुभ नक्षत्र

नक्षत्र विवाह के लिए विशेषता
रोहिणी सर्वश्रेष्ठ सुख, समृद्धि और स्थायित्व
मृगशिरा उत्तम खुशहाली और संतान सुख
उत्तरा फाल्गुनी सर्वश्रेष्ठ वैवाहिक सुख और धन
हस्त उत्तम कौशल और सफलता
स्वाति अच्छा स्वतंत्रता और विकास
अनुराधा उत्तम मित्रता और सहयोग
उत्तराषाढ़ा अच्छा विजय और प्रतिष्ठा
उत्तराभाद्रपद अच्छा गहन समझ और समृद्धि
रेवती सर्वश्रेष्ठ पोषण और देखभाल
⚠️ इन नक्षत्रों में विवाह वर्जित:
भरणी, कृत्तिका, आश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा, मूल (कुछ परंपराओं में), आर्द्रा (कुछ क्षेत्रों में)

❌ विवाह में क्या बचें

1. अशुभ काल (Inauspicious Periods)

2. अशुभ तिथियां

3. अशुभ वार (Days to Avoid)

4. राशि विशेष सावधानियां

💑 अपने विवाह के लिए व्यक्तिगत मुहूर्त जानें

सामान्य मुहूर्त के साथ-साथ अपनी कुंडली के अनुसार विशेष मुहूर्त जानना आवश्यक है

✓ कुंडली मिलान | ✓ व्यक्तिगत मुहूर्त | ✓ लग्न चयन | ✓ विशेष योग

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❓ विवाह मुहूर्त से जुड़े प्रश्न

Q1. 2025 में विवाह के लिए सबसे शुभ महीना कौन सा है?
2025 में विवाह के लिए सबसे शुभ महीने हैं: फरवरी (वसंत ऋतु का आरंभ), मई (अक्षय तृतीया), नवंबर और दिसंबर (शीत ऋतु)। इन महीनों में शुक्र और गुरु की अनुकूल स्थिति रहती है और मौसम भी अनुकूल होता है।
Q2. विवाह मुहूर्त में क्या देखना चाहिए?
विवाह मुहूर्त में निम्नलिखित देखना आवश्यक है: 1) शुभ तिथि (शुक्ल पक्ष की द्वितीया से त्रयोदशी), 2) शुभ वार (सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार), 3) शुभ नक्षत्र (रोहिणी, मृगशिरा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, अनुराधा, रेवती), 4) शुभ लग्न (वृषभ, मिथुन, तुला, धनु), 5) ग्रह गोचर, 6) विशेष योग जैसे सिद्ध योग, अमृत सिद्धि योग।
Q3. अक्षय तृतीया पर विवाह क्यों शुभ माना जाता है?
अक्षय तृतीया को 'अबूझ मुहूर्त' कहा जाता है, यानी इस दिन किसी पंचांग या मुहूर्त की आवश्यकता नहीं होती। पूरा दिन शुभ होता है। इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों अपनी उच्च राशि में होते हैं। माना जाता है कि इस दिन शुरू किया गया कोई भी शुभ कार्य 'अक्षय' यानी अविनाशी फल देता है। 2025 में अक्षय तृतीया 1 मई (गुरुवार) को है।
Q4. क्या खर मास में विवाह हो सकता है?
नहीं, खर मास (मलमास या अधिक मास) में विवाह और अन्य शुभ संस्कार वर्जित हैं। यह अतिरिक्त चंद्र महीना होता है जो लगभग हर 3 वर्ष में आता है। 2025 में खर मास 14 जनवरी से 12 फरवरी तक है। इस अवधि में केवल आवश्यक धार्मिक कार्य और दैनिक पूजा की जाती है।
Q5. चातुर्मास में विवाह क्यों नहीं होता?
चातुर्मास (आषाढ़ पूर्णिमा से कार्तिक पूर्णिमा) वर्षा ऋतु का समय है जब भगवान विष्णु योग निद्रा में होते हैं। पारंपरिक रूप से इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते। हालांकि, कुछ क्षेत्रों और परिवारों में आवश्यकता पड़ने पर विशेष मुहूर्त देखकर विवाह किया जाता है।
Q6. कुंडली मिलान बिना विवाह हो सकता है?
वैदिक परंपरा में कुंडली मिलान विवाह का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह वर-वधू की अनुकूलता, दोष-निवारण और भविष्य की संभावनाओं को जानने में मदद करता है। हालांकि, आधुनिक समय में कुछ परिवार कुंडली मिलान के बिना भी विवाह करते हैं, लेकिन ज्योतिषीय दृष्टि से यह अनुशंसित नहीं है। कम से कम मांगलिक दोष और प्रमुख दोषों की जांच अवश्य करनी चाहिए।
Q7. मांगलिक विवाह के लिए विशेष मुहूर्त?
मांगलिक दोष की स्थिति में: 1) यदि दोनों मांगलिक हैं तो सामान्य मुहूर्त ठीक है, 2) यदि एक मांगलिक है तो कुछ विशेष उपाय और मुहूर्त चुनने चाहिए, 3) मंगलवार का दिन चुन सकते हैं, 4) मंगल की दशा-अंतर्दशा से बचें, 5) विशेष पूजा और उपाय करें। GrahaGuru.in पर अपनी कुंडली बनाकर मांगलिक दोष की विस्तृत जांच करें।
Q8. साढ़े साती में विवाह हो सकता है?
साढ़े साती (शनि का 7.5 वर्ष का गोचर) में विवाह करना आदर्श नहीं माना जाता, लेकिन पूर्णतः वर्जित भी नहीं है। यदि आवश्यक हो तो: 1) विशेष रूप से चुना गया मुहूर्त लें, 2) शनि शांति पूजा करें, 3) कुंडली मिलान अच्छी तरह करवाएं, 4) दान और उपाय नियमित करें। विवाह के बाद भी शनि के उपाय जारी रखें।
Q9. दोपहर या शाम में विवाह कौन सा बेहतर?
विवाह का समय मुहूर्त और लग्न पर निर्भर करता है, न कि केवल दिन के समय पर। परंपरागत रूप से: 1) दिन के समय (सूर्यास्त से पहले) विवाह शुभ माना जाता है, 2) दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक का समय अच्छा होता है, 3) ब्राह्म मुहूर्त (सूर्योदय से पहले) भी बहुत शुभ है, 4) कुछ परंपराओं में शाम का समय भी मान्य है। सबसे महत्वपूर्ण है शुभ लग्न और नक्षत्र।
Q10. क्या ऑनलाइन मुहूर्त सही होता है?
ऑनलाइन मुहूर्त उतना ही सटीक हो सकता है जितना पारंपरिक तरीके से निकाला गया मुहूर्त, बशर्ते: 1) सही डेटा और सॉफ्टवेयर का उपयोग हो, 2) वैदिक ज्योतिष के सिद्धांतों का पालन हो, 3) व्यक्तिगत कुंडली का विश्लेषण हो। GrahaGuru.in पर हम Swiss Ephemeris और वैदिक गणना का उपयोग करते हैं। हालांकि, महत्वपूर्ण निर्णय के लिए अनुभवी ज्योतिषी से व्यक्तिगत परामर्श भी लें।

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