कुंडली मिलान फ्री

matching guide artwork

36 गुण मिलान हिंदी में समझें और अपना स्कोर देखें | English: free kundli matching

फ्री कुंडली मिलान करें

कुंडली मिलान क्या है?

कुंडली मिलान (गुण मिलान या Horoscope Matching) वैदिक ज्योतिष की एक प्राचीन परंपरा है जो विवाह से पहले वर-वधू की कुंडलियों का विश्लेषण करती है। यह दो व्यक्तियों के बीच आध्यात्मिक, मानसिक और भौतिक अनुकूलता जांचता है।

Kundali Matching uses the Ashtakoota system to compare 8 aspects (Kootas) of compatibility, assigning points for each match. The maximum score is 36 Gunas. This ancient practice helps predict marital harmony, prosperity, progeny, and longevity of the relationship.

GrahaGuru पर आप बिल्कुल मुफ्त में कुंडली मिलान कर सकते हैं। हमारा AI-powered सिस्टम वैदिक ज्योतिष के प्रामाणिक नियमों का उपयोग करके विस्तृत विवाह योग्यता रिपोर्ट तैयार करता है।

36 गुण मिलान - अष्टकूट प्रणाली

अष्टकूट प्रणाली में 8 कूट (पहलू) होते हैं जो कुल 36 गुण बनाते हैं:

1. वर्ण (Varna)

1 गुण

आध्यात्मिक अनुकूलता: यह जोड़े के अहं (ego) स्तर और आध्यात्मिक विकास की जांच करता है। चार वर्ण हैं - ब्राह्मण (ज्ञान), क्षत्रिय (शक्ति), वैश्य (व्यापार), शूद्र (सेवा)। वधू का वर्ण वर से समान या निम्न होना शुभ माना जाता है।

2. वश्य (Vashya)

2 गुण

आपसी आकर्षण और नियंत्रण: यह दर्शाता है कि जोड़े में कौन किस पर हावी होगा। पांच वश्य समूह हैं - मानव (मनुष्य), वनचर (जंगली जानवर), चतुष्पाद (चार पैर वाले), जलचर (जल जीव), कीट (कीड़े)। एक ही वश्य समूह या अनुकूल वश्य शुभ होता है।

3. तारा (Tara)

3 गुण

जन्म नक्षत्र अनुकूलता: यह स्वास्थ्य, कल्याण और दीर्घायु को दर्शाता है। एक दूसरे के नक्षत्र से गिनती करके तारा बल निकाला जाता है। जन्मा, संपत, विपत, क्षेम, प्रत्यरि, साधक, वध, मित्र, परम मित्र - 9 तारा होते हैं।

4. योनि (Yoni)

4 गुण

शारीरिक और यौन अनुकूलता: यह वैवाहिक जीवन में शारीरिक सुख और संतान योग दर्शाता है। 14 योनि हैं जैसे अश्व (घोड़ा), गज (हाथी), मेष (भेड़), सर्प (सांप), कुत्ता, बिल्ली, चूहा आदि। मित्र योनि शुभ और शत्रु योनि अशुभ मानी जाती है।

5. ग्रह मैत्री (Graha Maitri)

5 गुण

मानसिक अनुकूलता: यह दोनों की चंद्र राशि के स्वामी ग्रहों की मित्रता दर्शाता है। यदि राशि स्वामी मित्र हैं तो मानसिक तालमेल अच्छा होता है। यह सबसे महत्वपूर्ण कूट है क्योंकि यह प्रेम, स्नेह और समझदारी निर्धारित करता है।

6. गण (Gana)

6 गुण

स्वभाव और व्यवहार: तीन गण हैं - देव गण (दैवीय स्वभाव), मनुष्य गण (मानवीय), और राक्षस गण (तामसिक)। समान गण या देव-मनुष्य का संयोग शुभ है। देव-राक्षस संयोग अशुभ माना जाता है क्योंकि स्वभाव में बहुत अंतर होता है।

7. भकूट (Bhakoot)

7 गुण

आर्थिक समृद्धि और परिवार कल्याण: यह दोनों की राशियों की स्थिति दर्शाता है। यदि राशियां 2/12, 5/9, 6/8 की स्थिति में हैं तो भकूट दोष होता है। यह धन, संतान और परिवार में तनाव का कारक हो सकता है। हालांकि, अन्य योगों से यह दोष कट सकता है।

8. नाड़ी (Nadi)

8 गुण

स्वास्थ्य और संतान योग: यह सबसे महत्वपूर्ण कूट है। तीन नाड़ियां हैं - आदि (वात), मध्य (पित्त), अंत्य (कफ)। यदि दोनों की नाड़ी एक है तो नाड़ी दोष होता है जो संतान में आनुवंशिक समस्या का कारक हो सकता है। हालांकि, समान गोत्र या नक्षत्र में नाड़ी दोष कट जाता है।

गुण मिलान स्कोर की व्याख्या

18 से कम गुण - अशुभ

विवाह के लिए अनुकूल नहीं। गंभीर दोष हो सकते हैं। विशेष उपाय आवश्यक।

18-24 गुण - सामान्य

न्यूनतम स्वीकार्य। विवाह संभव लेकिन कुछ चुनौतियां हो सकती हैं। ज्योतिषी सलाह लें।

25-32 गुण - अच्छा

अच्छी अनुकूलता। सुखी वैवाहिक जीवन की संभावना। विवाह के लिए शुभ।

33-36 गुण - उत्तम

उत्कृष्ट मिलान। बहुत दुर्लभ। आदर्श जोड़ी। अत्यधिक सुखी वैवाहिक जीवन।

मंगल दोष विश्लेषण

मंगल दोष कुंडली मिलान का महत्वपूर्ण पहलू है। जब मंगल ग्रह 1, 2, 4, 7, 8 या 12वें भाव में हो तो मंगल दोष होता है।

मंगल दोष निवारण के नियम:

  • दोनों मंगलिक हों तो दोष स्वतः समाप्त हो जाता है
  • लग्न से शनि मंगल को देख रहा हो तो दोष कमजोर हो जाता है
  • मंगल अपनी राशि (मेष, वृश्चिक) या उच्च राशि (मकर) में हो तो दोष प्रभाव कम होता है
  • गुरु की दृष्टि मंगल पर हो तो दोष का प्रभाव घटता है
  • 7वें भाव में मंगल होना सबसे गंभीर माना जाता है
मंगल दोष की पूरी जानकारी

कुंडली मिलान में अन्य महत्वपूर्ण कारक

7वें भाव का विश्लेषण

सातवां भाव विवाह का घर है। इसमें शुभ ग्रहों की स्थिति, 7वें भाव के स्वामी की स्थिति और शक्ति, 7वें भाव पर पड़ने वाली दृष्टियां - ये सब वैवाहिक सुख निर्धारित करते हैं।

नवमांश कुंडली

नवमांश (D9) चार्ट विवाह का वास्तविक चित्र दिखाता है। इसमें 7वें भाव, शुक्र और मंगल की स्थिति जांचना जरूरी है। यह जन्म कुंडली से भी अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।

दशा अनुकूलता

विवाह के समय दोनों की चल रही महादशा और अंतर्दशा अनुकूल होनी चाहिए। राहु, केतु या शनि की कठिन दशा में विवाह टालना उचित है। शुक्र, गुरु, बुध की दशा शुभ मानी जाती है।

लग्न मिलान

दोनों की लग्न राशियां भी महत्वपूर्ण हैं। समान तत्व (अग्नि, पृथ्वी, वायु, जल) की लग्न शुभ मानी जाती है। लग्नेश की मित्रता भी देखना आवश्यक है।

फ्री कुंडली मिलान कैसे करें?

1

वर की जन्म जानकारी

वर का नाम, जन्म तिथि, जन्म समय (घंटा:मिनट) और जन्म स्थान दर्ज करें।

2

वधू की जन्म जानकारी

वधू का नाम, जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान दर्ज करें।

3

मिलान रिपोर्ट प्राप्त करें

"Match Kundali" बटन पर क्लिक करें। कुछ सेकंड में विस्तृत रिपोर्ट तैयार हो जाएगी।

GrahaGuru कुंडली मिलान के फायदे

Matching details

कोई छिपा हुआ शुल्क नहीं

AI Analysis

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से विश्लेषण

हिंदी + English

दोहरी भाषा में रिपोर्ट

PDF Download

रिपोर्ट डाउनलोड करें

गोपनीय

आपका डेटा सुरक्षित

Your results

तुरंत परिणाम

अन्य सेवाएं

अभी मुफ्त कुंडली मिलान करें

36 गुण मिलान और विवाह योग्यता रिपोर्ट

Match Kundali Free

FAQ

कुंडली मिलान कैसे करें?

GrahaGuru पर कुंडली मिलान के लिए वर-वधू दोनों की जन्म तिथि, समय और स्थान दर्ज करें। हमारा सिस्टम 36 गुण मिलान, अष्टकूट विश्लेषण, मंगल दोष चेक और विवाह योग्यता रिपोर्ट तुरंत प्रदान करता है।

36 गुणों में कितने मिलने चाहिए?

18-24 गुण सामान्य, 25-32 गुण अच्छा, और 32-36 गुण उत्तम माना जाता है। हालांकि, गुणों की गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण है।

मंगल दोष में शादी हो सकती है?

हां, यदि दोनों मंगलिक हों तो दोष कट जाता है। या फिर कुंडली में दोष निवारक योग हों, या विशेष उपाय करने से मंगल दोष में भी विवाह संभव है।

शुरू करें - Start Matching